कुश अग्रवाल- बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम कटगी में अवैध शराब बिक्री को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों के विरोध के बाद कांग्रेस नेता ढाबा संचालक और उसके बेटे की दबंगई से हालात बिगड़े और गुस्साए ग्रामीणों ने दोनों की पिटाई कर दी। इस पूरे मामले में अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पूरा मामला कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम कटगी के सर्वा मोड़ का है, जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने स्थित एक ढाबे में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध गतिविधि के चलते गांव का माहौल खराब हो रहा था और कई बार समझाइश देने के बावजूद ढाबा संचालक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। ग्रामीणों ने इस संबंध में पहले भी कसडोल थाना और कलेक्टर के जनदर्शन में शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी लगातार बढ़ती गई।
बलौदा बाजार जिले के कटगी गांव में अवैध शराब बिक्री को लेकर विवाद बढ़ गया। ग्रामीणों के विरोध के बीच कांग्रेस नेता और उसके बेटे की पिटाई हुई। @BalodaBazarDist #Chhattisgarh pic.twitter.com/M8PaGqDgwr
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) April 9, 2026
पुलिस की लापरवाही पर सवाल
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि, 4 अप्रैल की रात ग्राम कटगी की महिलाएं अवैध शराब बिक्री की शिकायत लेकर खुद कसडोल थाना पहुंची थीं। लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनकी शिकायत पर तत्काल FIR दर्ज करने के बजाय उन्हें बाद में आने की बात कहकर लौटा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि, यदि उसी दिन पुलिस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कर लेती, तो शायद स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती और इस तरह की हिंसक घटना टाली जा सकती थी।
ऐसे बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि, जब ग्रामीणों ने दोबारा ढाबे में चल रही शराब बिक्री का विरोध किया, तो ढाबा संचालक संतोष थवाईत उर्फ घोरघोरी ने गाली-गलौच और धमकी दी। इसी दौरान ग्राम पंचायत कटगी के सरपंच के साथ जातिसूचक टिप्पणी किए जाने का भी आरोप लगा, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि, सूचना देने के बावजूद पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। इसी बीच ढाबा संचालक अपने साथ कुछ पुलिस आरक्षकों और अन्य लोगों को लेकर मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को वहां से हटाने की कोशिश की, जिससे विवाद और भड़क गया।
दबंगई और फिर हिंसा
स्थिति तब और बिगड़ गई जब ढाबा संचालक का बेटा भागवत थवाईत, जो कांग्रेस का ब्लॉक स्तर का पदाधिकारी बताया जा रहा है। अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को डराने-धमकाने लगा। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने बाप-बेटे की जमकर पिटाई कर दी और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
लापरवाही और देरी से कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी अभिषेक सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने ढाबा संचालक, उसके बेटे और अन्य के खिलाफ जान से मारने की कोशिश, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित कई धाराओं में FIR दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है। फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की शुरुआती लापरवाही और देरी से कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने अब अवैध शराब पर स्थायी रोक और जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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