Noida Electric Buses: नोएडा वालों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। ऐसा कहा जा रहा है कि 5 रूटों पर 50 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। ये बसें जेवर में बने एयरपोर्ट तक चलेंगी। इस लेकर रूट भी तय कर लिए गए हैं। बीते दिन बुधवार को प्राधिकरण के महाप्रबंधक SP सिंह और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह की बैठक हुई थी, इस दौरान प्राधिकरण की तरफ से 5 रूट परिवहन निगम को दिए गए हैं।
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, बैठक में फैसला किया गया है कि 5 रूट पर 10-10 बसें चलाई जाएंगी। बसें परिवहन निगम की होंगी, जिसका संचालन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा किया जाएगा।
प्राधिकरण ने इस पर भी सहमति जता दी है कि इनसे मिलने वाले किराये और खर्च के बीच के अंतर वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) दी जाएगी। रूट, बस डिपो, बस स्टॉप के लिए आज यानी गुरुवार 9 अप्रैल को सर्वे किया जाएगा, इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
निगमं ने की डिपो की मांग
प्राधिकरण के CEO कृष्णा करुणेश ने सिटी बस सेवा के तौर पर इन बसों के संचालन की योजना को आगे बढ़ाया गया है। CEO ने परिवहन आयुक्त से बातचीत करके 50 बसें नोएडा में चलाने की मांग रखी गई थी। इसकी सहमति मिलने के बाद संचालन की कार्ययोजना को तैयार किया जा रहा है।
निगम ने बसों के संचालन के लिए डिपो की मांग उठाई गई है, ऐसे में प्राधिकरण ने सेक्टर-90 में नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के बस डिपो का प्रस्ताव दिया गया है। प्राधिकरण ने 50 बसों के संचालन पर अनुमानित VGF की जानकारी देने के लिए क्षेत्रीय प्रबंधक को लेटर दे दिया है।
इन रूटों पर होगा संचालन
- नोएडा सेक्टर-90 बस डिपो से बॉटनिकल गार्डन होते हुए जेवर।
- बॉटनिकल गार्डन से ग्रेटर नोएडा में परी चौक तक।
- सेक्टर-90 से बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर-71 चौराहा होते हुए ग्रेटर नोएडा वेस्ट।
- सेक्टर-62 मॉडल टाउन से विश्वकर्मा रोड होते हुए सेवन एक्स सेक्टर से सेक्टर-98 और 96 तक।
- डीएससी रोड पर सेक्टर-15 से भंगेल एलिवेटेड से फेज-2 औद्योगिक क्षेत्र से होते हुए सूरजपुर तक।
100 बसों को चलाने का प्लान
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि शहर के लिए 100 बसों का संचालन की भी योजना बनाई गई है। इसे लेकर जिलाधिकारी और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक की अगुवाई में संचालन समिति बनाई जाएगी।
यह समिति अगले 8 महीने में इन बसों का जरूरत के अनुसार संचालन करेगी। तब 50 बसों को चलाया जाएगा। जब 100 बसों का संचालन शुरू हो जाएगा, तब 50 बसों की जरूरत न होने पर इन्हें हटा दिया जाएगा। बसों से अच्छा रेस्पांस मिलने पर बसों का संचालन आगे भी जारी रहेगी।










