पंकज भदौरिया - दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद समाप्ति के लिए तय डेडलाइन के आखिरी दिन दंतेवाड़ा में बड़ा सरेंडर ऑपरेशन सामने आया। कुल 5 नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह सरेंडर हथियारों की भारी बरामदगी के कारण बेहद अहम माना जा रहा है।
40 बड़े-छोटे हथियारों के साथ किया आत्मसमर्पण
सरेंडर करने वाले नक्सलियों ने कुल 40 बड़े और छोटे हथियार पुलिस को सौंपे। यह हाल के वर्षों में दंतेवाड़ा क्षेत्र में हथियारों की सबसे बड़ी स्वैच्छिक जमा-बंदी में से एक है। सरेंडर करने वालों में कई सक्रिय नक्सली शामिल थे, जो लंबे समय से जंगलों में संगठन के लिए काम कर रहे थे।
दंतेवाड़ा में डेडलाइन के अंतिम दिन 5 नक्सलियों ने 40 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया। बस्तर IG सुंदरराज की मौजूदगी में कारली पुलिस लाइन में सरेंडर प्रक्रिया पूरी हुई। @DantewadaDist #Chhattishgarh #NaxalSurrender pic.twitter.com/gdsmTMboHH
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 31, 2026
बस्तर IG और CRPF अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ सरेंडर
यह आत्मसमर्पण कारली पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुआ। कार्यक्रम की अगुवाई सुन्दरराज पट्टलिंगम और CRPF अधिकारियों ने की। नक्सलियों को समर्पण पूना मार्गेम पुनर्वास योजना के तहत मोटिवेट कर मुख्यधारा में लाया गया।
11 नक्सलियों के सरेंडर की थी सूचना
दंतेवाड़ा में सुबह यह जानकारी सामने आई थी कि 11 नक्सली बड़े हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करेंगे। हालांकि अंतिम रूप से केवल 5 नक्सलियों ने सरेंडर किया। पुलिस का मानना है कि जल्द ही बाकी नक्सली भी आत्मसमर्पण की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।









