रायपुर। विधानसभा में छत्तीसगढ़ लोक भर्ती एवं व्यवसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल की रोकथाम विधेयक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन में प्रस्तुत किया। विधेयक का विपक्षी दल कांग्रेस ने भी समर्थन किया। इसके साथ ही विधानसभा में छत्तीसगढ़ लोक भर्ती एवं व्यवसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक सर्वसम्मति से पारित हो गया।
उल्लेखनीय है कि, शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उक्त विधेयक पेश किया। उन्होंने चर्चा के दौरान सदन में कहा- सरकारी भर्ती परीक्षा में भ्रष्टाचार रोकने के लिए ये विधेयक लाया गया है। नया कानून बहुत कठोर, नकल गिरोह और फर्जी अभ्यर्थी पर लगाम लगाएगी। यह कानून सभी निगम, मंडल, पीएससी, व्यापम की परीक्षा पर लागू होगा। उन्होंने कहा कि, नकल होने पर सेवा प्रदाता भी जिम्मेदार होंगे, धांधली करने वाले कितने भी बड़े हों, बच नहीं पाएंगे।
सीएम बोले- 10 साल तक की सजा और 1 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान
विधेयक के बारे में बताते हुए सीएम ने कहा कि, आरोपी को 3 से 10 साल की सजा होगी, 1 करोड़ तक जुर्माना लगेगा। नकल करने वाले अभ्यर्थी 3 साल तक भर्ती परीक्षा में बैठने से ब्लैकलिस्ट होंगे। नकल गिरोह की संपत्ति भी जब्त की जाएगी। उन्होंने बताया कि, SI से ऊपर के पुलिस अधिकारी मामले की जांच करेंगे, सरकार चाहे तो अन्य एजेंसी से भी जांच करा सकेगी।
हम युवाओं से किया वादा निभा रहे हैं : सीएम साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, CGPSC को लेकर हमने वादा किया था, आज जांच चल रही है। युवा देख रहे हैं गड़बड़ी करने वाले आज जेल के पीछे हैं। इस कानून से युवाओं के भविष्य से कोई छेड़छाड़ नहीं कर पाएगा। यह कानून PSC और व्यापम की आयोजित परीक्षा में लागू होगा। पिछली सरकार OMR में छेड़छाड़ कर युवाओं का हक मारा गया। अब लापरवाही से काम करने पर कठोर कार्रवाई करने का प्रावधान है। मोदी की गारंटी में पारदर्शिता की बात थी उसे लगातार पूरा कर रहे हैं। श्री साय ने कहा कि, ऐसे में युवाओं का भरोसा परीक्षा सिस्टम में बढ़ने वाली है। परीक्षा में धांधली करने वाले लोग अब किसी तरह से नहीं बच पाएंगे। 3 से 10 साल की सजा, 10 लाख रुपए तक का जुर्माने का प्रावधान है।
उमेश पटेल और धरमलाल कौशिक भी बोले
इससे पहले, विपक्ष की ओर से विधायक उमेश पटेल ने चर्चा की शुरूआत करते हुए कहा कि, जो परीक्षाओं में अपराध करे तो उसे दण्डित किया जाए। उस अभ्यर्थी को आगामी 3 कैलेंडर तक प्रतिबंधित किया जाए। वहीं सत्तापक्ष की ओर से विधायक धरमलाल कौशिक ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि, विधेयक को देख कोई हिमाकत नहीं करेगा गड़बड़ी की। अगर किसी ने ऐसा साहस किया तो प्रावधान बहुत कठोर हैं। विधेयक के प्रावधानों से कोई भी बच नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि, विधेयक पारित होने बाद मुख्यमंत्री को पूरे प्रदेश के युवा धन्यवाद देंगे।
महंत बोले- इससे युवाओं का भविष्य निखरेगा
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विधेयक को लेकर कहा- विधेयक का समर्थन करता हूं, इससे युवाओं का भविष्य निखरेगा। हमारे कई साथियों ने भी इस विधेयक के पक्ष में ही बात रखी है। इसके बाद विधान सभा में चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित हुआ विधेयक। विपक्ष के किसी भी विधायक ने नही किया विरोध।









