गणेश मिश्रा- बीजापुर। कभी नक्सल प्रभाव का गढ़ रहे बस्तर में अब हालात बदलने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। बीजापुर जिले के एक गांव में आज भी बच्चे नक्सलियों द्वारा बनाए गए स्कूल भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव साफ नजर आता है।
मिली जानकारी के अनुसार, बीजापुर जिले के पेदाकोरमा ग्राम पंचायत में शिक्षा व्यवस्था की हकीकत चौंकाने वाली है। यहां पिछले चार वर्षों से सरकारी स्कूल का संचालन नक्सलियों द्वारा बनाए गए भवन में ही किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2017 में नक्सलियों की जनताना सरकार ने इस स्कूल का निर्माण किया था, जहां बच्चों को प्राथमिक शिक्षा दी जाती थी।
बीजापुर जिले के पेदाकोरमा गांव में पिछले 4 साल से सरकारी स्कूल नक्सलियों द्वारा बनाए गए भवन में संचालित हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के दावों के बावजूद बच्चों के लिए अब तक नया स्कूल भवन नहीं बन पाया। @DistrictBijapur #Chhattisgarh pic.twitter.com/YrhDLyDWBn
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) April 1, 2026
आज तक नहीं बन पाया पक्का भवन
इसके बाद वर्ष 2022 में गांव में सरकारी स्कूल का पुनः संचालन शुरू किया गया, लेकिन आज तक इसके लिए अलग से पक्का भवन नहीं बन पाया है। विडंबना यह है कि नक्सलवाद खत्म होने के दावों के बावजूद प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठा सका है।
सुरक्षित और स्थायी स्कूल भवन की है आवश्यकता- ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि, बच्चे आज भी जर्जर और असुविधाजनक माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। एक ओर जहां सरकार शिक्षा के स्तर को सुधारने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस गांव में बुनियादी ढांचे की कमी साफ दिखाई देती है। हैरानी की बात यह भी है कि, विभाग द्वारा स्कूल भवन के निर्माण के बजाय अतिरिक्त कक्ष बनाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि, सबसे पहले एक सुरक्षित और स्थायी स्कूल भवन की आवश्यकता है, ताकि बच्चों को बेहतर माहौल मिल सके।
बीजापुर जिले के पेदाकोरमा गांव में पिछले 4 साल से सरकारी स्कूल नक्सलियों द्वारा बनाए गए भवन में संचालित हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के दावों के बावजूद बच्चों के लिए अब तक नया स्कूल भवन नहीं बन पाया। @DistrictBijapur #Chhattisgarh pic.twitter.com/fTQ7TXcyvO
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पढ़ाई के लिए बच्चों को मिल सके सुरक्षित जगह
गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि, जल्द से जल्द नए स्कूल भवन का निर्माण कराया जाए। ताकि बच्चों को नक्सलियों के बनाए ढांचे में नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और सरकारी व्यवस्था के तहत शिक्षा मिल सके। बस्तर में नक्सलवाद के खत्म होने के दावों के बीच पेदाकोरमा जैसे गांव यह सवाल खड़े कर रहे हैं कि, आखिर विकास की असली तस्वीर कब बदलेगी, और कब बच्चों को बेहतर शिक्षा का अधिकार पूरी तरह मिल पाएगा।









