रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में कई नियम बदल जाएंगे। वैसे तो हर महीने की पहली तारीख को कई वित्तीय बदलाव देखने को मिलता है, लेकिन अप्रैल के महीने में कुछ खास और बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। अप्रैल में तीन माह का राशन एक साथ मिलेगा, 44 श्रम कानूनों को खत्म कर 4 लेबर कोड लागू किया जा रहा, यूपीआई ट्रांजेक्शन के तहत सुरक्षा को लेकर नया नियम लागू होगा।
नौकरीपेशा लोगों के लिए 1 अप्रैल बड़ा बदलाव लेकर आ रहा है। केंद्र सरकार के नए श्रम कानून कल से पूरे देश में लागू हो जाएंगे। ये बदलाव केवल कागजी नहीं है, बल्कि इनका सीधा असर कर्मचारियों की टेक-होम सैलेरी, पीएफ कंट्रीब्यूशन, काम के घंटे और अधिकारों पर पड़ेगा। सरकार 44 श्रम कानूनों को खत्म कर अब 4 लेबर कोड लागू कर रही है। नए श्रम कोड के तहत काम के मानक घंटे पहले की तरह 8 घंटे प्रतिदिन और 48 घंटे साप्ताहिक रहेंगे, लेकिन इनमें काम के तरीकों को अधिक लचीला बनाया गया है। कंपनियां कर्मचारियों को फ्लेसिबल वर्किंग कल्चर दे सकेंगी। इसके अलावा साप्ताहिक काम के घंटों के प्रबंधन के आधार पर ज्यादा ओवरटाइम भी मिल सकेगा।
टोल प्लाजा में नकद भुगतान समाप्त
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने जा रहा है। अब टोल प्लाजा से गुजरने वाले हर वाहन को केवल डिजिटल माध्यम से ही भुगतान करना होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य टोल संग्रह में पारदर्शिता लाना, यातायात को सुगम बनाना और यात्रियों के समय की बचत करना है। वहीं केंद्र सरकार ने पूरे देश में टोल टैक्स में पांच प्रतिशत की वृद्धि की है, जो 1 अप्रैल से लागू होगी।
नई सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी
छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से नई सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी लागू होने जा रही है, जो पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम साबित होगी। नीति के तहत किसी भी शादी, पार्टी या अन्य आयोजन में 100 से अधिक मेहमानों के शामिल होने पर आयोजकों को तीन दिन पहले स्थानीय नगर निगम को सूचना देना अनिवार्य होगा। इस पॉलिसी में सबसे कड़ा प्रावधान ऑन द स्पॉट फाइन का है। नए नियमों के अनुसार, कचरे को गलत तरीके से फेंकने या सूचना न देने पर जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना की राशि 500 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक हो सकती है।
अप्रैल में मिलेगा 3 महीने का राशन
मिली जानकारी के मुताबिक, अब अप्रैल में ही तीन माह अप्रैल, मई और जून का चावल एक साथ वितरित किया जाएगा। दरअसल, पिछले कुछ समय से तकनीकी खामियों और सर्वर की समस्याओं के कारण राशन वितरण प्रभावित हो रहा था। साथ ही गोदामों में स्टॉक की कमी ने भी स्थिति को जटिल बना दिया था। फरवरी और मार्च में भी वितरण को सुचारू रखने के लिए अस्थायी उपाय किए गए, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।









