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बिहार में भीषण गर्मी के बीच अचानक मौसम बदल गया है। किशनगंज और अररिया में ओले गिरे हैं, जबकि 20 जिलों के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।

Bihar Weather Alert: बिहार में कुदरत का अजीब रंग देखने को मिल रहा है। जहाँ एक तरफ सूरज की तपिश लोगों को झुलसाने लगी है और पारा 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है, वहीं दूसरी तरफ कई जिलों में अचानक हुई ओलावृष्टि और बारिश ने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। सोमवार को किशनगंज और अररिया में जमकर ओले गिरे, जिससे तापमान में तो गिरावट आई लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग (IMD) ने मुजफ्फरपुर, मधुबनी और दरभंगा समेत राज्य के करीब 20 जिलों के लिए 'यलो अलर्ट' जारी किया है।

भीषण गर्मी और पसीने के बीच अचानक आए बादल
बिहार के लोग सोमवार को दोहरी मार झेलते दिखे। दिन की शुरुआत चिलचिलाती धूप के साथ हुई, जिसने मार्च में ही मई-जून की गर्मी का अहसास करा दिया। नालंदा और राजगीर में पारा 37.6 डिग्री के पार निकल गया, जबकि पटना और गया में लोग पसीने से तर-बतर नजर आए। हालांकि, शाम होते ही बंगाल की खाड़ी से उठी नमी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण फिजा बदल गई। उत्तर और पूर्वी बिहार के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई।

इन जिलों पर मंडरा रहा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 22 मार्च तक बिहार में मौसम का मिजाज इसी तरह बिगड़ा रहेगा। सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा और वैशाली जैसे जिलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इन इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने की प्रबल आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि निचले वायुमंडल में नमी बढ़ने के कारण स्थानीय मौसमी गतिविधियां अस्थिर हो गई हैं।

मार्च के आखिरी हफ्ते में लौटेगी 'लू'
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 18 और 19 मार्च को हल्की राहत मिल सकती है, लेकिन 20 मार्च से एक बार फिर आंधी और बारिश का नया दौर शुरू होगा। अगले सात दिनों तक बिहार में मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, जिससे कभी गर्मी तो कभी ठंडक महसूस होगी। हालांकि, यह राहत अस्थाई है। मार्च के आखिरी सप्ताह से गर्मी दोबारा जोर पकड़ेगी और अप्रैल की शुरुआत होते ही कई जिलों में पारा 40 डिग्री के पार जा सकता है, जिससे लू (Heatwave) जैसे हालात पैदा होंगे।

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