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बिहार के मोतिहारी में पुलिस और अपराधियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। बदमाशों की धमकी के बाद पुलिस ने घेराबंदी की, जिसमें दो अपराधी मारे गए और एक पुलिस जवान शहीद हो गया।

Motihari Encounter News: बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के चकिया थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। सिहोरवा मठ के पास करीब एक घंटे तक चली इस मुठभेड़ में पुलिस ने दो कुख्यात अपराधियों को मार गिराया, हालांकि इस दौरान पुलिस का एक बहादुर जवान भी शहीद हो गया। मारे गए अपराधियों की पहचान सिहोरवा मठ निवासी कुंदन ठाकुर और दिव्यांशु दुबे के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से एक प्रतिबंधित कार्बाइन और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं।

अपराधियों की एक धमकी और पुलिस का एक्शन
इस पूरे एनकाउंटर की पटकथा अपराधियों की एक हिमाकत भरी धमकी से शुरू हुई। बताया जा रहा है कि इन बदमाशों ने पुलिस को फोन कर खुली चुनौती दी थी। अपराधियों ने कहा था, "न्यूज में चल रहा है कि मुठभेड़ में एक बदमाश घायल। अगली न्यूज क्या होगी पता है? मुठभेड़ में 10 से 15 पुलिसवालों की मौत और अपराधी फरार।"

बदमाशों ने यह भी धमकी दी थी कि वे इतनी गोलियां चलाएंगे कि पुलिस को संभलने का मौका नहीं मिलेगा। इसी ऑडियो और नंबर को ट्रेस करते हुए पुलिस की स्पेशल टीम और एसटीएफ (STF) ने उनकी लोकेशन का पता लगाया।

घेराबंदी के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग
लोकेशन मिलते ही जब पुलिस और एसटीएफ की टीम ने सिहोरवा मठ के पास अपराधियों को घेरा, तो बदमाशों ने सरेंडर करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी में कुंदन और दिव्यांशु मौके पर ही ढेर हो गए। दुखद बात यह रही कि अपराधियों की गोलियों का सामना करते हुए पुलिस का एक जवान भी वीरगति को प्राप्त हो गया। मुठभेड़ का फायदा उठाकर अपराधियों के कुछ साथी मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है।

बिहार में अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा
मारे गए दोनों अपराधियों पर पहले से ही आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज थे। गौरतलब है कि बिहार पुलिस पिछले कुछ दिनों से अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। इससे पहले रविवार रात सारण जिले में भी पुलिस ने जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी सूरज महतो का एनकाउंटर किया था, जहाँ उसे पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया था। मोतिहारी की इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि पुलिस अब अपराधियों की धमकियों का करारा जवाब देने के लिए तैयार है।

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