Tejashwi Yadav vs Samrat Choudhary: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गृह विभाग के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार जुबानी जंग देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा गृह विभाग भाजपा को सौंपने पर सवाल उठाए, तो वहीं डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने साफ किया कि सरकार के कप्तान आज भी नीतीश कुमार ही हैं।
तेजस्वी का नीतीश कुमार पर हमला
बिहार विधानसभा के बाहर मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोला। तेजस्वी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री अब 'असहाय' और 'अचेत' अवस्था में हैं, जिसके कारण उन्होंने दशकों से अपने पास रखा गृह विभाग इस बार भाजपा को सौंप दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब से गृह विभाग भाजपा के पास गया है, राज्य में अपराध चरम पर पहुंच गए हैं। तेजस्वी ने यह भी कहा कि भाजपा शासित राज्यों में अपराध की स्थिति सबसे खराब है और अब बिहार में भी अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है।
सम्राट चौधरी बोले- सिर्फ दायित्व बदला, मुखिया नीतीश ही हैं
विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव किसी गलतफहमी में न रहें, सरकार आज भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चल रही है।
सम्राट चौधरी ने कहा, "नीतीश कुमार 20 साल से गृह विभाग संभाल रहे थे। आज भी सरकार के मुखिया वही हैं और अंतिम फैसला उन्हीं का होता है। मैं पहले वित्त मंत्री था, अब गृह मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहा हूँ, लेकिन हमारे नेता नीतीश कुमार ही हैं।"
सम्राट ने पेश किया बिहार में अपराध का लेखा-जोखा
बिहार में बढ़ते अपराध के आरोपों पर पलटवार करते हुए सम्राट चौधरी ने सदन में पुलिस की उपलब्धियों का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि अपराधियों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
गृह मंत्री के अनुसार, हाल के दिनों में हत्या और डकैती के मामलों में 7000 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 2500 से अधिक लुटेरों और पुलिस पर हमला करने वाले 2700 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। उन्होंने साफ किया कि सरकार किसी भी अपराधी को बख्शने के मूड में नहीं है।
लालू शासन की याद दिलाकर साधा निशाना
सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव को आड़े हाथों लेते हुए लालू प्रसाद यादव के शासनकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने वह दौर भी देखा है जब सत्ता के केंद्र से ही अव्यवस्था फैलती थी, इसी कारण एनडीए को सुशासन स्थापित करने के लिए अलग होना पड़ा।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार में पुलिस को पूरी छूट मिली हुई है और अपराधियों के खिलाफ बिना किसी राजनैतिक हस्तक्षेप के कार्रवाई हो रही है।









