Sitamarhi News: बिहार के सीतामढ़ी जिले से पुलिसिया अत्याचार की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, ससौला पंचायत के पैक्स अध्यक्ष बजरंगी सिंह के पुत्र जयप्रकाश सिंह और उनके भतीजे गोपाल कुमार रविवार देर रात सीतामढ़ी शहर से 'धुरंधर-2' फिल्म देखकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सुप्पी थाना क्षेत्र के ससौला चौक के पास पुलिस की टीम ने उन्हें रोककर पिटाई शुरू कर दी। लिया।
थाने में रात भर टॉर्चर
पीड़ितों का आरोप है कि सुप्पी थाना प्रभारी संजीत कुमार और उनकी टीम उन्हें जबरन थाने ले गई। वहां पूरी रात दोनों युवकों को बंधक बनाकर रखा गया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। परिजनों ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने लाठी-डंडों से उनके प्राइवेट पार्ट (निजी अंगों) पर वार किए।
युवक लगातार अपने पास मौजूद फिल्म के टिकट दिखाते रहे और रहम की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस का दिल नहीं पघला। सुबह जब स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप किया, तब जाकर पुलिस ने उन्हें रिहा किया।
सदर अस्पताल में भर्ती, शरीर पर चोट के निशान
पुलिस की इस बर्बरता के बाद दोनों युवकों के शरीर पर चोट के गहरे निशान बन गए हैं। जयप्रकाश सिंह की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनके शरीर के निचले हिस्से में गंभीर जख्म हैं। परिजनों ने आनन-फानन में दोनों को सीतामढ़ी सदर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
इस घटना से स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है और सोशल मीडिया पर जख्मी युवकों की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
एसपी ने दिए जांच के आदेश, एसडीपीओ का बयान
मामले के तूल पकड़ते ही सीतामढ़ी एसपी अमित रंजन ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने सदर एसडीपीओ-वन राजीव कुमार सिंह को तत्काल पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। एसडीपीओ ने बताया कि इलाके में हुई एक चोरी की घटना के बाद गलतफहमी की वजह से इन युवकों को पकड़ा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिजनों के आवेदन और उपलब्ध वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है। अगर थानाध्यक्ष या किसी भी पुलिसकर्मी की गलती पाई गई, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।