Patna News: बिहार की राजधानी पटना में रसोई गैस की किल्लत और सप्लाई में हो रही धांधली को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शहर में गैस आपूर्ति को सामान्य बनाने के लिए डीएम ने सभी आपूर्ति पदाधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इसके साथ ही गड़बड़ी करने वालों और कालाबाजारी में शामिल लोगों पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी चालू किया है।
डिलीवरी में धांधली पर एक्शन
राजधानी में कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि उनके पास सिलेंडर पहुंचे बिना ही 'डिलीवर्ड' होने के मैसेज आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला पाटलिपुत्रा थाने में सामने आया है, जहाँ एक डिलीवरी बॉय के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दीघा निवासी एक उपभोक्ता ने हेल्पलाइन पर शिकायत की थी कि उन्होंने इंद्रपुरी स्थित उत्सव गैस सेवा से सिलेंडर बुक किया था, जो उन्हें मिला नहीं लेकिन रिकॉर्ड में डिलीवर दिखा दिया गया। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर डिलीवरी बॉय मुकेश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए 28 फ्लाइंग स्क्वाड तैनात
गैस की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने 28 फ्लाइंग स्क्वाड (उड़नदस्ता) का गठन किया है, जो लगातार छापेमारी और मॉनिटरिंग कर रहे हैं। हालांकि, इन तमाम कोशिशों के बावजूद आम लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बिहार के कई जिलों में गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लगी हैं और पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है। कैमूर जैसे जिलों में तो घरेलू सिलेंडर की कीमत 1800 से 2000 रुपये तक वसूलने की खबरें भी सामने आ रही हैं।
कमर्शियल गैस की कमी से रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर
रसोई गैस का यह संकट अब केवल घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर पटना के कारोबार पर भी पड़ रहा है। कमर्शियल गैस की सप्लाई ठप होने से शहर के कई प्रसिद्ध रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं। एक बड़ी रेस्टोरेंट चेन के संचालक के अनुसार, पिछले 4-5 दिनों से सप्लाई रुकने के कारण उन्हें अपने कुछ आउटलेट्स पर ताला लगाना पड़ा है। यदि अगले दो दिनों में स्थिति नहीं सुधरी, तो स्टॉक खत्म होने के कारण अन्य शाखाओं को भी बंद करना पड़ सकता है।
रिफिल के लिए तीन दिन का इंतजार
गैस एजेंसियों का कहना है कि उन्हें रिफिल के लिए तीन-तीन दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे बैकअप पूरी तरह खत्म हो चुका है। गैस की इस कमी का असर सामाजिक और धार्मिक आयोजनों पर भी दिख रहा है। इफ्तार पार्टी जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों में गैस न होने के कारण लोग अब लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर हैं। प्रशासन का दावा है कि जल्द ही आपूर्ति श्रृंखला को बहाल कर लिया जाएगा, लेकिन फिलहाल जमीन पर हाहाकार जैसी स्थिति बनी हुई है।










