Pappu Yadav News: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। शनिवार को पटना पुलिस ने उन्हें भारी सुरक्षा के बीच सिविल कोर्ट में पेश किया, जहां अदालत ने उन्हें दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। फिलहाल, पप्पू यादव की तबीयत को देखते हुए उन्हें पीएमसीएच (PMCH) अस्पताल में रखा जाएगा।
अब सबकी नजरें सोमवार पर टिकी हैं, जब कोर्ट उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा। बता दें कि शुक्रवार (6 फरवरी) आधी रात को हुए हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने उन्हें उनके मंदिरी स्थित आवास से गिरफ्तार किया था।
पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने कहा, ''उनकी तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए उन्हें सही इलाज के लिए PMCH में शिफ्ट किया गया है। उन्हें ज्यूडिशियल कस्टडी में अस्पताल भेजा गया है। जमानत याचिका के बारे में कोर्ट ने कहा कि इस पर सोमवार को सुनवाई होगी। उनकी गिरफ्तारी कल सबके सामने हुई थी। उस समय उन्होंने खुद कहा था, 'मुझे अपने साथ ले चलो'। फिर भी, अब आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने पुलिस को उनके काम में बाधा डाली। यह सबको साफ है कि उन्होंने पुलिस का सहयोग किया। इसके बावजूद, एक नई FIR दर्ज की गई है। इससे आप पुलिस की मंशा समझ सकते हैं।"
#WATCH | Patna, Bihar | Representing Independent MP from Purnea, Pappu Yadav, Advocate Shivnandan Bharti says, "The court immediately took him into custody and stated that his health was not good, which is why he was shifted to PMCH for proper treatment. He has been sent to the… pic.twitter.com/hGTQlLOIQZ
— ANI (@ANI) February 7, 2026
31 साल पुराने मामले में गिरफ्तारी
पूरी कानूनी कार्रवाई करीब 31 साल पुराने एक मामले से जुड़ी है। साल 1995 में पटना के गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने पप्पू यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि सांसद ने धोखाधड़ी के जरिए उनका मकान किराए पर लिया था। इसी मामले में समन के बावजूद कोर्ट में पेश न होने पर एमपी-एमएलए कोर्ट ने चार दिन पहले ही संपत्ति कुर्की का आदेश दिया था और उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। पुलिस के अनुसार, इसी वारंट को तामील कराने के लिए यह कार्रवाई की गई।
पुलिस ने कहा- समर्थकों पर भी होगी एफआईआर
गिरफ्तारी के बाद पटना के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने कोर्ट परिसर में मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि पुलिस के काम में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि आधी रात को गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव के समर्थकों ने पुलिस का रास्ता रोकने और हंगामा करने की कोशिश की थी। इस मामले में पुलिस ने अलग से केस दर्ज किया है। अब वीडियो फुटेज के आधार पर उन समर्थकों की पहचान की जा रही है जिन्होंने गहमागहमी पैदा की थी।
राहुल और प्रियंका गांधी ने जताया विरोध
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार की सियासत में उबाल आ गया है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इसे सीधे तौर पर 'राजनीतिक प्रतिशोध' करार दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर सांसद का समर्थन किया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पप्पू यादव पटना में नीट (NEET) छात्रा के साथ हुए कथित दुराचार और हत्याकांड के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठा रहे थे। उनकी इसी आवाज को दबाने के लिए सालों पुराने केस का सहारा लेकर उन्हें जेल भेजा गया है।










