बिहार के नालंदा में मगधड़ा स्थित शीतला मंदिर में मंगलवार को भगदड़ मचने से 9 श्रद्धालुओं की जान चली गई। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है।

Nalanda Stampede News: बिहार के नालंदा जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। दीपनगर थाना क्षेत्र के मगधड़ा गांव स्थित सुप्रसिद्ध शीतला माता मंदिर में मंगलवार की सुबह अचानक मची भगदड़ ने 9 परिवारों की खुशियां छीन लीं। 8 महिला श्रद्धालु की भीड़ में दबने से मौत हो गई, जबकि एक पुरुष श्रद्धालु अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आस्था के केंद्र में तब्दील यह ऐतिहासिक मंदिर परिसर पल भर में चीख-पुकार और मातम के शोर से भर गया। सभी श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए कतारों में खड़े थे।

कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हर मंगलवार की तरह आज भी भोर से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में उमड़ पड़े थे। पूजा-अर्चना शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी और लोग कतारों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच, मंदिर परिसर के भीतर भीड़ का दबाव अचानक बढ़ गया। चश्मदीदों का कहना है कि किसी ने अचानक शोर मचा दिया, जिससे लोगों में घबराहट फैल गई। अफरा-तफरी के माहौल में लोग एक-दूसरे को कुचलते हुए भागने लगे, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया।

मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख की सहायता
इस भीषण हादसे के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने मृतकों के आश्रितों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री राहत कोष से भी 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी, जिससे कुल मुआवजा 6 लाख रुपये हो गया है। मुख्य सचिव को घटना की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने जताया दुख
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने 'एक्स' (X) पर पोस्ट कर कहा कि यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक है। सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचा रही है और घायलों के समुचित इलाज के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।

पुलिस जांच में जुटी
पटना के कमिश्नर और नालंदा के वरीय अधिकारी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या भीड़ प्रबंधन में कोई कमी रह गई थी या किसी ने जानबूझकर अफवाह फैलाई। मंदिर परिसर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि हादसे की सटीक वजह का पता लगाया जा सके।