Bihar Police Recruitment 2026: बिहार के युवाओं के लिए रोजगार और सुरक्षा के मोर्चे पर नीतीश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को बिहार विधानसभा में बजट सत्र के दौरान डिप्टी सीएम सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने गृह विभाग को लेकर कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। सरकार ने 60 हजार नई भर्तियों के साथ-साथ राज्य में 'पुलिस दीदी' का दस्ता बनाने और जेलों की सुरक्षा को डिजिटल करने का बड़ा फैसला लिया है।
60 हजार पदों पर होगी बंपर बहाली
सदन को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार पुलिस और गृह विभाग में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुल 60 हजार से ज्यादा पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें अकेले पुलिस बल में 31 हजार कर्मियों की तैनाती होगी।
इसके अलावा 13,500 होमगार्ड (गृह रक्षक) और पैरा मिलिट्री फोर्स के माध्यम से 17 हजार सैप (SAP) जवानों की नियुक्ति का फैसला लिया गया है। मंत्री ने यह भी बताया कि अग्निवीरों को बिहार पुलिस की भर्तियों में विशेष आरक्षण दिया जाएगा।
Live : बिहार विधानसभा के बजट सत्र को संबोधित करते हुए... https://t.co/Pt3QMYQIJE
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) February 20, 2026
'पुलिस दीदी' और शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सरकार ने 'पुलिस दीदी' के गठन का ऐलान किया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि एंटी रोमियो स्क्वॉयड की तर्ज पर काम करने वाली 'अभया ब्रिगेड' को अब 'पुलिस दीदी' के रूप में पहचान दी जाएगी। इनका मुख्य काम स्कूल और कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को सुरक्षा प्रदान करना होगा। इसके लिए सरकार 1500 स्कूटी और 2500 मोटर साइकिलें खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। साथ ही, सभी 40 पुलिस लाइन में पटना की तर्ज पर 'जीविका दीदी की रसोई' शुरू की जाएगी।
जेलों की डिजिटल निगरानी और नई जेल का निर्माण
जेल सुधारों पर चर्चा करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि बिहार की सभी जेलों में अब सीसीटीवी कैमरों के जरिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। जेल के अंदर बंद कैदियों से कौन मिलने आ रहा है, इसकी पूरी जानकारी सरकार के पास डिजिटल फॉर्मेट में रहेगी।
सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए राज्य में एक नया हाई सिक्योरिटी जेल और भागलपुर में नया मुक्ति कारागार (ओपन जेल) बनाने की घोषणा की गई है। उन्होंने गर्व से कहा कि बिहार ऐसा पहला राज्य है जहां जेल के अंदर सबसे ज्यादा कैदी अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं।
अगलगी की घटनाओं पर AI से लगाम
बिहार में आग लगने (अगलगी) की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए सरकार अब आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेगी। सम्राट चौधरी ने बताया कि 'एआई आधारित फायर प्रीडिक्शन ऑटोमेशन फेस-2' को लागू किया जा रहा है, जिससे आग लगने की चेतावनी पहले ही मिल सकेगी। इसके लिए एक विशेष 'फायर इंजीनियरिंग सेल' का भी गठन किया जाएगा।
इसके अलावा पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए हर पुलिस लाइन में एक स्कूल खोलने का भी निर्णय लिया गया है।









