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Akash Deep Test debut: भारत क्रिकेट टीम और इंग्लैंड क्रिकेट टीम 5 मैचों की सीरीज के चौथे टेस्ट में आमने-सामने है। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने एक बदलाव किया है। जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया है ऐसे में आकाश दीप ने टेस्ट डेब्यू किया है।

Akash Deep Test debut: भारत क्रिकेट टीम और इंग्लैंड क्रिकेट टीम 5 मैचों की सीरीज के चौथे टेस्ट में आमने-सामने हैं। रांची के JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में भारतीय टीम एक बदलाव के साथ मैदान पर उतरी। चौथे टेस्ट के लिए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया था, ऐसे में बंगाल के तेज गेंदबाज आकाश दीप को टेस्ट डेब्यू का मौका मिला है। हेड कोच राहुल द्रविड़ ने आकाश को डेब्यू कैप सौंपी। इस दौरान उनका परिवार भी मैदान पर मौजूद था। यह आकाश के लिए काफी भावुक करने वाला पल रहा।

नेट्स पर शानदार रहे थे आकाश दीप

नेट्स में आकाश दीप ने अपनी गेंदबाजी से भारतीय टीम मैनेजमेंट को काफी प्रभावित भी किया था। वह भारत की ओर से टेस्ट डेब्यू करने वाले 313वें क्रिकेटर बने हैं। उनसे पहले इसी सीरीज में सरफराज खान, ध्रुव जुरेल और रजत पाटीदार टेस्ट डेब्यू कर चुके हैं। आकाश के लिए डेब्यू कैप पाने तक का सफर आसान नहीं था। उन्होंने 6 महीने के भीतर ही अपने पिता और भाई को खो दिया था। इस घटना ने उनकी जिंदगी बदल रख दी। इसके बाद क्रिकेट को लेकर उनके जुनून को और पक्का किया।

आकाश के संघर्ष की कहानी

आकाश दीप बिहार के रहने वाले हैं, जहां क्रिकेट में ज्यादा संभावनाएं नहीं थीं। दूसरी और आकाश दीप के पिता एक टीचर थी और वह चाहते थे कि बेटा पुलिस कांस्टेबल बने या कम से कम राज्य सरकार के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी पाने की कोशिश करे। 6 महीने के भीतर परिवार में हुई 2 मौतों ने आकाश दीप की जिंदगी बदल दी। आकाश ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता और भाई की 6 महीने के भीतर मृत्यू हो गई। परिवार का बोझ उन पर था। उन्होंने अपने क्लब के लिए लेदर बॉल से मैच खेलना शुरू किया, हालांकि शुरू में उन्हें पैसे नहीं मिले। उन्होंने अपने जिले में टेनिस बॉल मैच खेले और इसके लिए उन्हें एक दिन के 6 हजार रुपये तक मिलते थे। ऐसे में वह हर महीने करीब 20 हजार रुपये कमा रहे थे। 

बिहार में नहीं मिला मंच

क्रिकेटर बनने का सपना पाले आकाश को लोगों के तानों का भी सामना करना पड़ा। हाल ही में उन्होंने बताया था कि वह जहां से आते हैं वहां पर क्रिकेट खेलना 'जुर्म' माना जाता है। आकाश ने न्यूज एजेंसी को बताया था, "बिहार में (उस समय BCCI द्वारा निलंबित) कोई मंच नहीं था और विशेष रूप से जहां से मैं आया था, सासाराम में, क्रिकेट खेलना अपराध जैसा था। बहुत से माता-पिता मुझ से अपने बच्चों को दूर रखते थे, क्योंकि मैं सिर्फ क्रिकेट ही खेलता था। कई पेरेंट्स का मानना था कि मेरे साथ रहने से उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी।"

प्रथम श्रेणी में प्रदर्शन

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आकाश दीप के प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने अब तक खेले 30 मैच की 49 पारियों में 104 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उनकी औसत 23.58 की और इकॉनमी 3.03 की रही है। इसके अलावा बंगाल के इस गेंदबाज ने लिस्ट A के 28 मुकाबलों में 42 और 41 टी20 मुकाबलों में 48 सफलताएं प्राप्त की हैं।

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