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Commonwealth Games 2022: इन कारणों से बाहर हो सकती है शूटिंग, भारत के उम्मीदों को लगेगा झटका

Commonwealth Games Federation ने 2022 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से शूटिंग को बाहर करने की तैयारी शुरू कर दी है।

Commonwealth Games 2022: इन कारणों से बाहर हो सकती है शूटिंग, भारत के उम्मीदों को लगेगा झटका
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Commonwealth Games Federation ने 2022 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स से शूटिंग को बाहर करने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे भारत की उम्मीदों को भारी झटका लग सकता है क्योंकि भारत अब तक निशानेबाजी में ही अपने सर्वाधिक मेडल ला रहा था।

फैडरेशन के प्रेसिडेंट लुईस मार्टिन ने निशानेबाजी की जगह मिश्रित युगल टी-20 क्रिकेट की सिफारिश की है।

जबरदस्त रहा है भारत का सफर

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने अब तक कुल 438 मैडल जीते है। इसमें 118 मैडल निशानेबाजी से ही आए थे। इसमें 56 गोल्ड, 40 सिल्वर और 22 ब्रॉन्ज शामिल हैं।

इसी परफार्मेंस के दम पर भारत कॉमनवेल्थ की शूटिंग गेम में सर्वाधिक पदक जीतने के मामले में दूसरे नंबर पर चल रहा है। पहले नंबर पर 163 पदकों के साथ ऑस्ट्रेलिया है।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने रशिया को आगामी ओलंपिक गेम्स से बाहर कर दिया था। रूस की टीम पर यह कार्रवाई डोप संबंधी नियमों का उल्लंघन करने के कारण हुई थी।

हम स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री से बात करेंगे : NRAI प्रेसिडेंट

नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट रणइंदर सिंह ने उम्मीद जताई है कि शूटिंग ओलंपिक में शामिल हो जाएगी। उन्होंने कहा- शूटिंग ओलंपिक का एक बेहतरीन इवेंट है। हम इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन और स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री को मामले संबंधी ध्यान देने के लिए लिखेंगे।

इंटरनेशनल फैडरेशन के सामने भी अपनी बात रखेंगे ताकि वह निशानेबाजी को ओलंपिक में बनाए रखने के लिए दोबारा सोचें। रणइंदर सिंह इंटरनेशनल शूटिंग स्पोट्र्स फैडरेशन की इग्जिक्यूटिव कमेटी के मेंबर भी रह चुके हैं।

इन कारणों के चलते बाहर हो सकती है निशानेबाजी

  • पहले कॉमनवेल्थ गेम्स डरबन में होने थे। लेकिन डरबन के पीछे हटने से इसकी जिम्मेदारी बर्मिंघम ने ली। सीएफजी की लिस्ट में निशानेबाजी ऐच्छिक थी। इसलिए बर्मिंघम अथॉरिटी ने जूडो, टेबल टेनिस, रेसलिंग, डाइविंग, जिम्रास्टिक, साइकलिंग, बास्केटबाल को चुना।
  • कॉमनवेल्थ गेम्स इंग्लैंड के प्रवक्ता पीटर हनन ने कहा कि आर्गेनाइजिंग कमेटी ने उन गेम्स को प्राथमिकता दी है जिसका प्रबंध बर्मिंघम के आसपास हो सकता है। ओलंपिक स्टेंडर्ड रेट वाली शूटिंग रेंज बर्मिघम से करीब 150 मील दूर सरी में हैं। ऐसे में इस गेम को करवाना मुश्किल था।
  • क्रिकेट एक लोकप्रिय गेम है। कॉमनवेल्थ गेमों में हिस्सा लेने वाले ज्यादातर देशों में खेली जाती है। ऐसे में क्रिकेट की लोकप्रियता ने काफी हद तक असर दिखाया है। इसको लेकर फैडरेशन के उच्चाधिकारी भी इंटरनेशनल क्रिकेट कौंसिल के संपर्क में है। काफी औपचारिकताएं भी पूरी हो चुकी हैं।

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