अलीगढ़: भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार सुबह करीब 4:36 बजे 60 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में भर्ती थे।
पिता की हालत बिगड़ने की सूचना मिलते ही रिंकू सिंह टी-20 विश्व कप का अभ्यास सत्र और टीम इंडिया का साथ छोड़कर तुरंत चेन्नई से अपने घर अलीगढ़ लौट आए थे।
खानचंद सिंह का अंतिम संस्कार अलीगढ़ के क्वारसी थाना क्षेत्र स्थित शंकर विहार श्मशान घाट पर किया गया, जहां रिंकू सिंह ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया और उनके बड़े भाई ने मुखाग्नि दी।
खुशियों के बीच आया पहाड़ जैसा दुख
रिंकू सिंह के परिवार के लिए यह समय बेहद हृदयविदारक है। यूपीसीए के सेक्रेटरी प्रेम मनोहर गुप्ता ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए बताया कि हाल ही में रिंकू सिंह की शादी तय हुई थी और परिवार में उत्सव का माहौल आने वाला था। लेकिन खुशियों के इस आगमन से पहले ही पिता के चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरा क्रिकेट प्रशासन इस कठिन समय में रिंकू और उनके परिजनों के साथ खड़ा है।
#WATCH | Aligarh | On the demise of cricketer Rinku Singh's father, coach Masood Uz Zafar Amini says," I got information that Rinku Singh's father passed away today morning. He was admitted to a Noida hospital. Rinku Singh's father had been opposed to his son playing cricket, but… pic.twitter.com/LKEh4NsXnD
— ANI (@ANI) February 27, 2026
दिग्गज क्रिकेटरों ने साझा किया परिवार का दुख
सोशल मीडिया पर खेल जगत की तमाम बड़ी हस्तियों ने खानचंद सिंह के संघर्षपूर्ण जीवन और उनके बलिदान को याद किया है। पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भावुक पोस्ट लिखते हुए कहा कि खानचंद सिंह ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया और अपने त्याग से रिंकू जैसे एक मजबूत और अच्छे बेटे का पालन-पोषण किया, जो वास्तव में उनकी सबसे बड़ी विरासत है.
Rinku, deeply saddened to hear about the passing of your father. Your father raised a truly strong and wonderful son through so many sacrifices , and that is his greatest legacy. Stay strong, @rinkusingh235. My prayers and thoughts are with you and your entire family. Om Shanti
— Virrender Sehwag (@virendersehwag) February 27, 2026
Deeply saddened to hear about your father’s passing, my brother. Please accept my heartfelt condolences. May his soul rest in peace, and may you and your family find strength and comfort during this difficult time. Om Shanti 🙏 @rinkusingh235
— Suresh Raina🇮🇳 (@ImRaina) February 27, 2026
वहीं पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना ने 'X' पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस कठिन समय में अपने भाई रिंकू के साथ खड़े हैं और भगवान से परिवार को शक्ति देने की प्रार्थना करते हैं। युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने भी इस घटना को दिल तोड़ने वाला बताया है। आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने भी रिंकू के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में सब्स्टिट्यूट फील्डर के तौर पर दिखे
26 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी-20 वर्ल्ड कप का अहम सुपर-8 मुकाबला खेला गया था। इस मैच की प्लेइंग-11 में रिंकू सिंह को शामिल नहीं किया गया था, उनकी जगह संजू सैमसन को टीम में जगह दी गई थी। हालांकि, रिंकू अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद टीम के साथ जुड़े हुए थे और वो मैच के दौरान मैदान पर सब्स्टिट्यूट फील्डर के रूप मे मौजूद थे। उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि रिंकू का परिवार इतने बड़े संकट से गुजर रहा है।
स्टेज-4 कैंसर से जूझ रहे थे खानचंद्र सिंह
रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का स्वास्थ्य पिछले कुछ दिनों से लगातार बिगड़ रहा था। कैंसर के आखिरी चरण स्टेज-4 में होने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी और वे अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे।
रिंकू के वर्ल्ड कप खेलने पर सस्पेंस
पिता के निधन के बाद अब यह सवाल बना हुआ है कि रिंकू सिंह विश्व कप में आगे के मैचों का हिस्सा बनेंगे या नहीं। हालांकि बल्लेबाजी कोच ने पहले उम्मीद जताई थी कि रिंकू जल्द ही टीम के साथ जुड़ जाएंगे, लेकिन इस दुखद घटना के बाद उनकी वापसी को लेकर अभी कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आया है।
24 फरवरी को पिता की नाजुक हालत देख प्रैक्टिस छोड़ अस्पताल गए थे रिंकू
भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह की तबीयत बिगड़ने की खबर उस समय आई जब रिंकू चेन्नई में टी-20 वर्ल्ड कप के अभ्यास सत्र में व्यस्त थे। 24 फरवरी 2026 को रिंकू सिंह अचानक प्रैक्टिस सत्र बीच में ही छोड़कर ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल पहुंचे थे। उनके अचानक प्रेक्टिस छोड़कर चले जाने से कई अटकलें लगाई गईं, लेकिन बाद में टीम मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया कि उनके पिता स्टेज-4 कैंसर की वजह से गंभीर स्थिति में हैं।
रिंकू अपने पिता के पास अस्पताल पहुंचकर उनकी सेहत का हाल जाना और उनके साथ समय बिताया, जिसके बाद वे वापस टीम के साथ कल के मैच के लिए जुड़ गए थे।
एक साधारण पिता का असाधारण संघर्ष
रिंकू सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता का बहुत बड़ा संघर्ष रहा है। अलीगढ़ में गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करने वाले खानचंद सिंह ने तमाम अभावों के बावजूद रिंकू को क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में हर संभव मदद की। आज जब रिंकू सफलता के शिखर पर हैं, तब उनके पिता का साथ छूट जाना उनके लिए एक बड़ी व्यक्तिगत क्षति है।









