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आम आदमी को सुरक्षा कवच देना आवश्यक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीमा और पेंशन से जुड़ी तीन योजनाओं की शुरुआत कर देश के गरीबों और निम्न मध्यवर्गीय परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का कवच प्रदान करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया है।

आम आदमी को सुरक्षा कवच देना आवश्यक
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीमा और पेंशन से जुड़ी तीन योजनाओं की शुरुआत कर देश के गरीबों और निम्न मध्यवर्गीय परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का कवच प्रदान करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया है। शुरुआत से ही प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। इनमें से दुर्घटना और जीवन बीमा योजनाओं का लाभ देश का कोई भी नागरिक उठा सकता है। इनका वार्षिक प्रीमियम भी मामूली है। जैसे प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ उठाने के लिए सालाना 12 रुपए प्रीमियम देना होगा। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में शामिल होने के लिए 330 रुपए वार्षिक प्रीमियम देना होगा।
वहीं अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के लोगों को ध्यान में रखकर लाया गया है। इसमें अंशदान की अलग-अलग श्रेणियां हैं। यह रकम संबंधित व्यक्ति को खुद चुननी होगी। उसी के मुताबिक उसकी पेंशन राशि तय होगी। न्यूनतम 20 वर्ष प्रीमियम देने के बाद व्यक्ति पेंशन का हकदार होगा। जाहिर है, इस क्षेत्र में असंख्य लोग काम करते हैं। देश के विकास में अहम योगदान देने के बावजूद वे किसी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना के दायरे में नहीं आते हैं। बूढ़े होने पर उनके लिए न तो पेंशन की व्यवस्था है और ना ही दुर्घटनाग्रस्त हो जाने पर किसी तरह के इलाज की सुविधा मिलती है।
यही नहीं यदि दुर्भाग्यवश उनकी किसी हादसे में मृत्यु हो जाए तो आश्रितों को किसी तरह की आर्थिक सहायता भी नहीं मिल पाती है। परिवार की रोजीरोटी छीन जाती है। इस तरह पूरा परिवार सड़क पर आ जाता है। हम भले ही दुनिया में महाशक्ति बनने के सपने देख रहे हैं, लेकिन यह भी एक सच्चाई है कि आधी से अधिक आबादी गरीबी में जीवन यापन कर रही है। ऐसे परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने की मोदी सरकार की पहल सराहनीय है। इन योजनाओं की शुरुआत से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के गरीबों और वंचितों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के लिए जनधन योजना का सफल अभियान चला चुके हैं। भारत अब वित्तीय समावेशन की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
एक साल पहले तक देश की बड़ी आबादी बैंकिंग सुविधा से वंचित थी जबकि अब अधिकांश परिवारों के पास बैंक में खाता है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 15 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं। इन नई योजनाओं को भी बैंक खातों से जोड़ा गया है। सीधे बैंक खाते से प्रीमियम कट जाएगा। लाभ की रकम भी सीधे बैंक खाते में डाल दी जाएगी। इन खातों को आधार से जोड़ा जा रहा है। जाहिर है, इससे खाते खोलने में डुप्लीकेसी रुकेगी और धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी। इन योजनाओं का लाभ देश के प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुंचाने के लिए बैंकिंग नेटवर्क को सघन करना जरूरी है।
खासकर दूरदराज के क्षेत्रों में बैंक की शाखाएं खोली जानी चाहिए। हालांकि इन योजनाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात यह भी है इनका लाभ लेने के लिए लोगों को आगे आना होगा। इस तरह लोगों में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे सक्रिय भागीदारी कर पाएंगे। इससे योजनाओं में गड़बड़ियां रुकेंगी और उनके फायदे लाभान्वित समूहों तक पूरी तरह पहुंचे सकेंगे। योजनाओं का लाभ लोगों को इसलिए नहीं मिल पाता है क्योंकि उनके बारे में उनमें जागरूकता का अभाव होता है। कुल मिलाकर सामाजिक सुरक्षा की दिशा में यह बेहतर कदम है।

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