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नागरिकता कानून पर मच रहे बवाल के बीच इन दो लड़कियों को ये वीडियो हो रहा वायरल, बताया CAA और NRC में फर्क

बीजेपी ने दो लड़कियों का वीडियों लोगों के बीच साझा किया है। वीडियों में दोनों CAA और NRC के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि विरोध कर रहे लोग पहले CAA और NRC के बारे में अच्छी तरह से जानकारी हासिल कर लें।

नागरिकता कानून पर मच रहे बवाल के बीच इन दो लड़कियों को ये वीडियो हो रहा वायरल, बताया CAA और NRC में फर्क
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CAA और NRC में फर्क, वीडियो वायरल

नागिरकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध पर पूरे देशभर में हिंसा का उबाल देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ विरोधी इसे गैर-संवैधानिक बता रहे हैं तो दुसरी तरफ सरकार का कहना है कि यह बिल भारतीय नागरिक के किसी भी धर्म के आधार पर भेदभाव करना नहीं है। इसके बावजूद देश में हिंसा शांत होने के बजाय मौत की और बढ़ता नजर आ रहा है। दरअसल, कई प्रदर्शनकारियों को लगता है कि इस कानून से उनकी भारतीय नागरिकता छिन जाएगी जबकि सरकार ने कई बार साफ तौर से कहा है कि यह कानून नागरिकता देने के लिए है, न कि नागरिकता छीनने के लिए।

इसी विरोध के बीच बीजेपी ने दो लड़कियों का वीडियों लोगों के बीच साझा किया है। वीडियों में दो लड़की CAA और NRC के बारे में लोगों को जानकारी दे रही है। उन्होनें कहा कि विरोध कर रहे लोग पहले CAA और NRC के बारे में अच्छी तरह से जानकारी हासिल कर लें।

जिसमें कहा गया कि CAA का भारत के किसी भी धर्म के किसी नागरिक से कोई लेना देना नहीं है। इसमें नागरिकता संशोधन कानून के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ित होकर आए हिंदू, सिख, ईसाई, पारसी, जैन और बुद्ध लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। कानून के मुताबिक, 31 दिसंबर, 2014 तक भारत आ गए इन तीन देशों के प्रताड़ित धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी जाएगी। साफ तौर पर इसमें ये जिक्र किया गया हैं कि लोगों को देश में नागरिकता दी जाएगी न कि मुस्लिम को देश से बाहर निकाला जाएगा।

अगर नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) का जिक्र किया जाए तो यह एक रजिस्ट्रर है जिसमें भारत में रहे सभी वैध नागरिकों का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। बता दें कि एनआरसी फिलहाल असम के अलावा किसी अन्य राज्य में लागू नहीं है। एनआरसी के तहत भारत का नागरिक साबित करने के लिए किसी व्यक्ति को यह साबित करना होगा कि उसके पूर्वज 24 मार्च 1971 से पहले भारत आ गए थे। बता दें कि अवैध बांग्लादेशियों को निकालने के लिए इसे पहले असम में लागू किया गया है। अगले संसद सत्र में इस बिल को पूरे देश में लागू करने के लिए बिल लाया जा सकता है।

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Priyanka Kumari

Priyanka Kumari

Jr. Sub Editor


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