Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

गांव पैदल जा रहे लोगों को देखकर रो पड़े कुमार विश्वास, रात 3 बजे लिखी ये कविता

प्रवासी मजदूर सैकड़ों किलोमीटर पैदल ही भूखे प्यासे अपने घरों की तरफ निकल पड़े हैं। जिनमें भूड़ी औरतें, गर्भवती महिलाएं छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। इन मजदूरों और मजबूरों का दर्द नहीं देखा जा रहा है।

गांव पैदल जा रहे लोगों को देखकर रो पड़े कुमार विश्वास, रात 3 बजे लिखी ये कविता

देश में कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों का पालायन जारी है। लॉकडाउन के कारण सभी तरह के वाहनों के चलने पर रोक है। इसलिए प्रवासी मजदूर सैकड़ों किलोमीटर पैदल ही भूखे प्यासे अपने घरों की तरफ निकल पड़े हैं। जिनमें भूड़ी औरतें, गर्भवती महिलाएं छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। इन मजदूरों और मजबूरों का दर्द नहीं देखा जा रहा है।

जब कवि कुमार विश्वास से इन मजदूरों का दर्द नहीं देखा गया तो वह रातभर सो न सके और रो पड़े। मीडिया रिपोर्ट्स के मानें तो कवि कुमार विश्वास ने रात तीन बजे एक कविता लिखी है। जोकि अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रही है।

कुमार विश्वास ने कविता का टाइटल दिया है जवाब मागेंगे। वीडियों में कुमार विश्वास कविता गा रहे हैं। शहर की रोशनी से छुटा हुआ, टूटा हुआ। सड़क के रास्ते से गांव जा रहा है गांव।



बिना छट ईद दिवाली या ब्याह कारजड के बिलखते बच्चों का बुला रहा है गांव। रात रात के तीन बज रहे हैं और दीवाना में। अपने सुख के कवच में मौन की शैर-शैया पर आंसुओं की सिसकियों के बोझ तले रोता हुआ...

Next Story
Top