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जापान के सम्राट राजा बनने के लिए देवी से मिलने एक अंधेरे कमरे में गए, जानें क्या है पूरा मामला

भारत में ही नहीं दुनिया में भी कई तरह के अंधविश्वास हैं, जिनके मुताबिक लोग आगे बढ़ते हैं। ऐसा ही नजारा जापान के सम्राट नारुहितो को राजा बनने के लिए एक अंधेरे कमरे में देवी से मुलाकात के लिए रात बितानी के लिए भेजा गया है।

जापान के सम्राट राजा बनने के लिए देवी से मिलने एक अंधेरे कमरे में गए, जानें क्या है पूरा मामला

जापान के सम्राट नारुहितो को सम्राट बनने के लिए एक अनुष्ठान करना पड़ रहा है, जिसको लेकर अंतिम चरण का समारोह जश्न के साथ शुरू हो चुका है। नारुहितो गुरुवार रात एक अंधेरे लकड़ी के हॉल में चले गए हैं। जहां वो एक देवी के साथ रात बिताएंगे। रात बिताने के बाद सम्राट को अमातेरासु ओमिकामी में इस अनुष्ठान को पूरा करना होगा।

राजा बनने के लिए करवाना पड़ता है अनुष्ठान

मान्यता के मुताबिक, यहां राजा बनने के लिए अनुष्ठान करवाना पड़ता है। इस दौरान सम्राट खुद देवी से मलाकात करते हैं। क्योंकि वो सूर्य देवी को अपनी देवी मानते हैं और खुद को सम्राट बनने के लिए जरूरी मानते हैं।

इस परंपरा की कई समूह करते है आलोचना

उनके पिता अकिहितो ने अपना पद त्याग के बाद नारूहितो को राजा बनाया था। उनके इस अनुष्ठान की कम्युनिस्टों से लेकर ईसाइयों तक आलोचना कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस अनुष्ठान पर सरकार का 2.7 बिलियन येन यानी की 25 मिलियन डॉलर का खर्चा हुआ है।

सफेद वस्त्र और मशाल लेकर जाते हैं राजा

बता दें कि यह अनुष्ठान मूल रूप से सूर्य देवी और सम्राट को शामिल करने वाली दावत है, जिसके संपन्न होने पर ही राज्याभिषेक किया जाता है। सम्राट इस दावत का हिस्सा बनकर राजा बन जाते हैं। इस दौरान सम्राट को सफेद वस्त्र पहनने होते हैं और हाथ में एक मशाल लेकर बंद कमरे की तरफ जाते हैं।

इतिहासकारों के मुताबिक, जापान में यह परंपरा 1 हजार साल पुरानी है, जिसके मुताबिक, हर किसी को सम्राट बनने के लिए इसी परंपरा के अनुसार चलना होता है। इसके अलावा और भी कई समूह हैं जो ये अनुष्ठान बंद करवाने के लिए एक आंदोलन चलाए हुए हैं।

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