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रैपिड टेस्ट किट खरीद में घोटाले की संभावना, छत्तीसगढ़ के मुकाबले दूसरे राज्यों ने दोगुनी कीमत पर खरीदीं

दक्षिण कोरिया कंपनी में निर्मित इस रैपिट टेस्ट किट, जो कि कोरोना मरीज पोजिटिव है या निगेटिव इसकी सूचना कुछ ही मिनटों में दे देता है इसको लेने के लिए विश्व के कई देश आतुर हैं। भारत में लगातार फैलते कोरोना को देखते हुए कंपनी के लिए भारत में किट आपूर्ति करने वाली कंपनी के साथ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री ने 337 रुपया (जीएसटी अलग) प्रति किट की दर से सौदा पक्का किया। सूबे के लिए 75 हजार किट खरीदे जाने हैं।

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कोरोना जांच (प्रतीकात्मक फोटो)

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के एक ट्वीट ने आंध्रप्रदेश की जगनमोहन सरकार को वक्त से पहले चौकन्ना कर दिया। सिंहदेव ने ट्वीट कर जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ देशभर में एकमात्र ऐसा राज्य है जिसने 75 हजार रैपिड टेस्टिंग किट के लिए सबसे कम पैसे में सौदा तय किया। सौदा पक्का कराने में मदद देने पर उन्होंने केंद्र सरकार और दक्षिण कोरिया के भारत में राजदूत शिन बोंग किल और सियोल में भारत के राजदूत श्रीप्रिया रंगनाथन का शुक्रिया भी अदा किया है।

दक्षिण कोरिया कंपनी में निर्मित इस रैपिट टेस्ट किट, जो कि कोरोना मरीज पोजिटिव है या निगेटिव इसकी सूचना कुछ ही मिनटों में दे देता है इसको लेने के लिए विश्व के कई देश आतुर हैं। भारत में लगातार फैलते कोरोना को देखते हुए कंपनी के लिए भारत में किट आपूर्ति करने वाली कंपनी के साथ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री ने 337 रुपया (जीएसटी अलग) प्रति किट की दर से सौदा पक्का किया। सूबे के लिए 75 हजार किट खरीदे जाने हैं।

जैसे ही ट्वीट के माध्यम से मूल्य सार्वजनिक हुई आंध्रप्रदेश सरकार हरकत में आई। दरअसल, वही किट उसी कंपनी से दोगुने रेट पर आंध्र सरकार ने सौदा तय किया था। आंध्र सरकार के विश्वस्त सूत्रों ने हरिभूमि को बताया कि गत 7 अप्रैल को ही लगभग 16 करोड़ रुपए की किट खरीदने की बात आपसी सहमति के आधार पर हुई थी।

छत्तीसगढ़ को वही किट आधे मूल्य पर देने की सूचना जैसे ही ट्वीट के माध्यम से आंध्र सरकार को पता चली उन्होंने संबंधित कंपनी के लोगों को तलब कर साफ कर दिया कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के मूल्य पर ही किट आपूर्ति करना है तो सौदा तय होगा नहीं तो आर्डर रद्द करो।

अगर आंध्र के साथ भी छग के मूल्य पर सौदा हुआ तो टीएस सिंहदेव के एक ट्वीट से आंध्रप्रदेश की गरीब जनता का 8 करोड़ रुपए की बचत हो सकेगी। आंध्रप्रदेश सरकार ने 2 लाख किट का आर्डर 730 रुपए प्रति किट के हिसाब से तय किया था।

क्या है रैपिड टेस्टिंग किट

कोरोना के मरीजों की सबसे बड़ी समस्या है इसकी जांच रिपोर्ट आने में लगभग 72 घंटे का समय लगता है तब तक मरीज की जान और मेडिकल सिस्टम सब अटके रहते हैं। रैपिड टेस्टिंग किट 10 मिनट में ही रिजल्ट दे देती है।

यही वजह है कि ये किट तेजी से मांग में आई है। इससे न सिर्फ समय की बचत होती है बल्कि संसाधनों की भी बचत हो रही है। ये बात अलग है कि राजस्थान सरकार ने किट के रिजल्ट से असंतुष्टि जताते हुए आईएमए से शिकायत की है उसके बाद जांच बिठा दी गई है। आईएमए ने जांच रिपोर्ट आने तक दो दिनों के लिए रैपिड किट से जांच पर रोक लगा दी है।

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