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राज्यों ने किया यातायात नियम का उल्लघंन, लग सकता है राष्ट्रपति शासन

केंद्र सरकार ने कहा कि जो राज्य सरकार मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 को लागू नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा जहां कानून के खिलाफ कम जुर्माना लगाया जा रहा है। उन राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाया जाएगा। ऐसे 7 राज्य हैं जो अब तक नए कानून को लागू नहीं किया गया है।

जानें किन राज्यों ने किया यातायात नियम का उल्लघंन, जिस पर लग सकती है राष्ट्रपति शासनमोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019

केंद्र सरकार राज्य सरकार मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 को लेकर सख्त हो गई है। केंद्र सरकार ने कहा है कि जिन राज्यों ने कानून को लागू नहीं किया है वहां पर राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। कानून के खिलाफ जाकर कम जुर्माना वसूलने वाले राज्यों पर भी कार्रवाई की जाएगी। सात राज्यों ने नए कानून को ठीक से लागू नहीं िया है।

ऐसे में अब देखना यह होगा कि मोदी सरकार सिर्फ कांग्रेस शासित राज्यों पर पर ही यातायात नियम उल्लघंन पर राष्ट्रपति शासन लगाती है या बीजेपी केंद्र शासित राज्यों पर भी कार्रवाई करेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि कोई भी राज्य कानून के खिलाफ नहीं जा सकता है। साथ ही राज्य सरकार मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत निर्धारित जुर्माने से कम वसूली नहीं कर सकता।

इसके अलावा राष्ट्रपति से मंजूरी लिए बिना कोई भी राज्य नए कानून को लागू नहीं कर सकता है। आपको बता दें कि अगर कोई राज्य सरकार कानून के खिलाफ जाकर काम कर रहा है तो राष्ट्रपति आर्टिकल 356 के तहत उन राज्यों में राष्ट्रपति शासन लग सकता है।

इन राज्यों ने किया यातायात नियम का उल्लघंन

पूरे देश में पिछले साल 1 सितंबर 2019 को मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम को लागू कर दिया गया था। जिसमें जुर्माना वसूली की सीमा को निर्धारित किया गया था। नियम तो लागू हो गए, लेकिन चार राज्य गुजरात, कर्नाटक, मणिपुर और उत्तराखंड की सरकार कम जुर्माना लगा रहे हैं।

जबकि तीन अन्य राज्य मध्य प्रदेश, पंजाब और बंगाल ने कानून को अपने राज्यों में लागू नहीं करने की बात कही है। वहीं राजस्थान सरकार कहना है कि पहले वे जुर्माने पर विचार करेगी, फिर उसके बाद ही नियम को लागू करेगी। साथ ही पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश ने नए कानून को लागू करने से साफ मना कर दिया गया है।

Priyanka Kumari

Priyanka Kumari

Jr. Sub Editor


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