नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते भारत में ऊर्जा संकट की अफवाहों ने आम जनता के बीच भारी घबराहट पैदा कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने खुलासा किया है कि पिछले कुछ दिनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में अप्रत्याशित उछाल आया है।
सामान्य दिनों में जहा देशभर में रोजाना 50 से 55 लाख सिलेंडर बुक होते थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 75 से 76 लाख प्रतिदिन तक पहुँच गया है। यानी लोग डर के मारे रोजाना करीब 25 लाख ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे हैं।
सरकार की 'पैनिक बाइंग' और अफवाहों से बचने की अपील
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देशवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन और गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन अत्यधिक 'पैनिक बाइंग' के कारण वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ रहा है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित है और लोग केवल जरूरत के अनुसार ही बुकिंग कराएं ताकि जरूरतमंदों को समय पर सिलेंडर मिल सके।
कालाबाजारी और होर्डिंग के खिलाफ राज्यों को कड़े निर्देश
गैस सिलेंडर की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर अवैध कमाई करने वालों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है। पेट्रोलियम और उपभोक्ता मामलों के सचिवों ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की है।
राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जिला प्रशासन, डीएम और एसपी के माध्यम से ब्लैक मार्केटिंग और होर्डिंग के खिलाफ छापेमारी करें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि संकट का फायदा उठाने वाले डिस्ट्रीब्यूटर्स और कालाबाजारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश तक बड़े पैमाने पर छापेमारी
केंद्र के निर्देश के बाद विभिन्न राज्यों में पुलिस और नागरिक आपूर्ति विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है:
उत्तर प्रदेश: झांसी में सिलेंडरों से भरा एक चोरी का ट्रक बरामद किया गया है, वहीं हापुड़ में भी अवैध रूप से रखे गए सिलेंडर जब्त कर गोदाम सील कर दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश और कर्नाटक: इन राज्यों में भी फूड एंड सिविल सप्लाइज डिपार्टमेंट ने छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध एलपीजी स्टॉक बरामद किया है।
निगरानी: राजस्थान, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी रोजाना प्रेस ब्रीफिंग के जरिए स्थिति की निगरानी की जा रही है और कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं।
पब्लिक सेक्टर कंपनियों ने मजबूत की अपनी हेल्पलाइन
आम जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने अपने कॉल सेंटरों की क्षमता बढ़ा दी है। कॉल सेंटर में सीटों की संख्या को बढ़ाकर 400 कर दिया गया है और टेलीफोन लाइनों की संख्या भी 50 तक बढ़ा दी गई है। उपभोक्ता किसी भी प्रकार की सप्लाई संबंधी दिक्कत या कालाबाजारी की शिकायत इन हेल्पलाइन नंबरों पर दर्ज करा सकते हैं।