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Russia-Ukraine War: सीबीआई भारतीय युवाओं को नौकरी का झांसा देकर रशियन आर्मी ज्वाइन कराने वाले गिरोह की जांच कर रही है। पिछले दिनों 19 आरोपियों और वीजा कंसल्टेंसी फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। 

Russia-Ukraine War: कश्मीर के पुलवामा का एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट ह्यूमन ट्रैफकिंग रैकेट का शिकार होकर रूस पहुंच गया। मानव तस्कर गिरोह ने धोसे से रशियन आर्मी ज्वाइन भी करा दी और अब मजबूरन वह रूस की ओर से यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के मैदान में लड़ रहा है। शनिवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पुलवामा में युवक के परिजनों के बयान दर्ज किए। सीबीआई नौकरी का झांसा देकर भारतीय नागरिकों को रशियन आर्मी ज्वाइन कराने वाले गिरोह की जांच कर रही है। इस मामले में अब तक 19 आरोपियों और वीजा कंसल्टेंसी फर्म्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 

कश्मीरी युवक दुबई में खोज रहा था जॉब 
पुलवामा में रहने वाला आजाद यूसुफ कुमार (31 साल) इंजीनियरिंग ग्रेजुएट है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने पहले दुबई में नौकरी खोजी, लेकिन झूठे वादों से गुमराह हो गया। वह मानव तस्करी गिरोह के चंगुल में फंसता चला गया। रूस पहुंचने के बाद आज़ाद यूसुफ कुमार को रूस-यूक्रेन संघर्ष में धकेल दिया गया और अब उसे भाड़े पर रशियन आर्मी के लिए जंग लड़नी पड़ रही है। 

भाई ने कहा- हम सुरक्षित वापसी चाहते हैं
आज़ाद के बड़े भाई सज्जाद अहमद कुमार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि आज सीबीआई ने हमसे भाई की स्थिति के बारे में सवाल पूछे। जांच एजेंसी हमें दिल्ली ऑफिस बुलाना चाहती है, लेकिन मौजूदा माली हालात के चलते यह संभव नहीं है। यूक्रेन में फंसे 12 अन्य भारतीयों के परिवारों से भी सीबीआई ने कॉन्टैक्ट किया है। हम सभी लोग अपनों की सुरक्षित वापसी चाहते हैं। आजाद के परिवार ने भारत सरकार से यूक्रेन सीमा पर फंसे नौजवानों की सुरक्षित वापसी की अपील की है।

यूक्रेन सीमा पर जंग लड़ रहा है आजाद: सज्जाद
कश्मीरी युवक के परिवार ने बताया कि यूट्यूबर फैसल खान के कहने पर आजाद पिछले साल 14 दिसंबर को अच्छी नौकरी की तलाश में दुबई गया था, लेकिन उसे क्या पता था कि वह रूस के लिए भाड़े पर युद्ध लड़ेगा। यूट्यूबर ने उसे दुबई में नौकरी देने का वादा किया था। आजाद अभी यूक्रेन सीमा पर है। हमने कुछ दिन पहले उससे बात की तो उसने कहा कि यहां जान को खतरा है। उससे जबरन एग्रीमेंट पर साइन कराए गए, जो रशियन में लिखा था। 

आजाद बोला- काला सागर से आगे बढ़ गए
सज्जाद ने कहा कि मेरा भाई अभी रूस-यूक्रेन सीमा पर है। फिर उसे अन्य भारतीयों के साथ अग्रिम पंक्ति में भेज दिया जाएगा। आजाद शाम को दो से तीन मिनट के लिए परिवार को फोन कर लेता है। उसने बताया कि वे अभी जंगलों में बंकर बना रहे हैं। वे काला सागर से आगे बढ़ गए हैं। वे जिन इलाकों पर कब्जा करते हैं, वहां बंकर बना लेते हैं। आज़ाद को 15 दिनों का सैन्य प्रशिक्षण दिया गया था, इस दौरान उसे एक गोली भी लगी थी और वह दो हफ्ते तक अस्पताल में भर्ती रहा था। 

क्या है पूरा मामला? 
बता दें कि सीबीआई ने 8 मार्च को भारतीय नागरिकों को धोखे से रूस-यूक्रेन युद्ध में धकेलने वाले ह्यूमन ट्रैफकिंग नेटवर्क को धवस्त किया और रूस में मौजूद उनके एजेंट्स समेत प्रमुख गुर्गों को चिन्हित किया था। ये एजेंट्स कथित तौर पर भारतीय युवाओं को नौकरी का झांसा देकर रूस ले गए और उन्हें यूक्रेन के साथ जारी सैन्य संघर्ष में शामिल होने के लिए मजबूर किया। सीबीआई धोखे से रशियन आर्मी ज्वाइन कराने वाले गिरोह की जांच कर रही है। पिछले दिनों 19 आरोपियों और वीजा कंसल्टेंसी फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

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