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देश की राजधानी दिल्ली में इस बार कुदरत का कहर समय से पहले ही शुरू हो गया है। अप्रैल के महीने में ही दिल्लीवासियों को जून जैसी भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू का सामना करना पड़ रहा है।

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में इस बार गर्मी ने सारे रिकॉर्ड समय से पहले ही तोड़ना शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में जून के महीने जैसी भीषण लू ने अप्रैल के मध्य में ही दस्तक दे दी है।

चिलचिलाती धूप और गर्म पछुआ हवाओं के कारण तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री ऊपर बना हुआ है। सुबह 10 बजे के बाद से ही सड़कों पर आग बरसने जैसा अहसास हो रहा है, जिससे दिल्लीवासियों का घरों से निकलना मुहाल हो गया है।

​दिल्ली के मानक केंद्र सफदरजंग के साथ-साथ मुंगेशपुर, नजफगढ़ और पीतमपुरा जैसे इलाकों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है। चिलचिलाती धूप का आलम यह है कि दोपहर के समय सड़कों पर डामर पिघलने जैसी स्थिति पैदा हो रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान की ओर से आ रही शुष्क और गर्म हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर को 'हीट पॉकेट' में तब्दील कर दिया है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।

​दिल्ली की इस प्रचंड गर्मी ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया है। सड़कों पर पैदल चलने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति बेहद कष्टदायक हो गई है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अप्रैल में अचानक बढ़ी इस गर्मी के कारण 'हीट स्ट्रोक' और डिहाइड्रेशन के मामले बढ़ सकते हैं।

बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से दोपहर के समय घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। अस्पतालों में लू की चपेट में आने वाले मरीजों के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

​मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले एक हफ्ते तक दिल्ली-एनसीआर को इस झुलसाने वाली गर्मी से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। आसमान बिल्कुल साफ रहेगा और तेज धूप के कारण 'लू' का प्रकोप और अधिक बढ़ सकता है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाहर निकलते समय सिर ढककर रखें और तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें। अप्रैल की यह गर्मी संकेत दे रही है कि आने वाले मई और जून के महीने दिल्ली के लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं।

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