असम की राजनीति में चुनाव से ठीक पहले बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। प्रद्युत बोरदोलोई और प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नवज्योति तालुकदार ने पार्टी से इस्तीफा देकर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब राज्य में विधानसभा चुनाव होने में सिर्फ कुछ ही दिन बाकी हैं, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
इस्तीफे की वजह क्या बताई गई?
बताया जा रहा है कि प्रद्युत बोरदोलोई ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे को भेजा है। हालांकि उन्होंने अपने पत्र में ज्यादा विस्तार नहीं किया, लेकिन इसे पार्टी के अंदरूनी मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं Navjyoti Talukdar ने साफ तौर पर कहा कि लंबे समय से संगठन में असंतोष और समन्वय की कमी के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
परिवारिक मतभेद या सियासी रणनीति?
पार्टी की ओर से Gaurav Gogoi और Jitendra Singh ने इसे “परिवार के भीतर का मामला” बताया है। उनका कहना है कि मतभेदों के बावजूद संबंध बने रहेंगे।
दिलचस्प बात यह है कि बोरदोलोई के बेटे भी इस चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार हैं, जिससे इस इस्तीफे के पीछे की वजहों को लेकर और चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भाजपा में जाने की अटकलें?
इस्तीफे के बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई कि क्या बोरदोलोई भाजपा का रुख करेंगे। हालांकि पार्टी नेताओं ने साफ किया है कि उन्हें Pradyut Bordoloi को भाजपा से कोई ऑफर नहीं मिला है।
भाजपा की तैयारी भी तेज
इधर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि भाजपा जल्द ही अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करेगी। गठबंधन में Asom Gana Parishad और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट भी शामिल हैं, जो अपनी-अपनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। राज्य की 126 सीटों में से भाजपा के करीब 89 सीटों पर चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है।
चुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं
चुनाव से ठीक पहले इस तरह के इस्तीफे कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माने जा रहे हैं। इससे न केवल संगठन पर असर पड़ेगा, बल्कि चुनावी रणनीति भी प्रभावित हो सकती है।










