रायपुर। राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण अस्पताल परिसर में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। परिसर में बने सीवरेज टैंक की सफाई करने उतरे तीन सफाई कमियों की दम घुटने से मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि जहरीली गैस की चपेट में आने से उनकी मौत हुई है। इधर घटना के बाद से अस्पताल परिसर में मृतक के परिजनों समेत बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और हंगामा करते हुए इस हादसे के लिए अस्पताल प्रबंधन और सफाई ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया।
पुलिस के अनुसार, रामकृष्ण अस्पताल परिसर के पीछे बने सीवरेज टैंक (गटर) की सफाई के लिए अस्पताल प्रबंधन ने तीन सफाईकर्मी बुलाए थे। तीनों कर्मी रात करीब 8 बजे अस्पताल परिसर पहुंचे। सूत्रों से पता चला है कि गटर में पहले एक सफाईकर्मी नीचे उतरा, जहां वह जहरीली गैस की चपेट में आते ही बेहोश होकर अंदर ही गिर गया। उसके बेहोश होने के बाद दूसरा कर्मचारी मदद के लिए नीचे पहुंचा तो वह भी बेहोश हो गया। इसके बाद तीसरा व्यक्ति भी इसी प्रकार बेहोश होकर गटर के अंदर ही गिर गया। इस तरह गटर में उतरे तीनों सफाईकर्मी वहीं बेहोश हो गए। घटना के बाद जब तक अन्य लोगों की मदद से उन्हें गटर से बाहर निकाला जाता, तीनों की मौत हो चुकी थी।
रायपुर। रामकृष्ण अस्पताल परिसर में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। परिसर में बने सीवरेज टैंक की सफाई करने उतरे तीन सफाई कमियों की दम घुटने से मौत हो गई। @RaipurDistrict pic.twitter.com/FuPWc66rM2
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 18, 2026
बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उतरे
जानकारी मिली है कि गटर में उतरे सफाईकर्मियों अनमोल मांझी, गोविंद सेंद्र और पेर्रा कुमार की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि तीनों सफाईकर्मी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के गटर में उतरे थे, जिससे वे जहरीली गैस की चपेट में आ गए। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों समेत अन्य अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
देर रात तक प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार सफाईकर्मी 25 से 30 फीट नीचे उतरे थे, 2 घण्टे की मशक्कत के बाद एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर रस्सी के सहारे तीनों के शव बाहर निकाले। तीनों मृतक सिमरन सिटी भाठागांव के निवासी थे। मौत की खबर मिलते ही परिजनों सहित करीब 200 लोगों ने अस्पताल के मुख्य गेट के अंदर परिसर में धरना देकर नारेबाजी और हंगामा किया। इस दौरान एसपी नवनीत पाटिल, टिकरापारा टीआई विजय बघेल समेत पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों सहित 50 से 60 पुलिस जवान वहां पहुंच गए। देर रात तक प्रदर्शन जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन कर रहे लोगों की ओर से अभी तक मुआवजे की कोई मांग नहीं आई है। अस्पताल प्रबंधन बातचीत के लिए तैयार है। लापरवाही को लेकर जांच की जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा- दुखद घटना
रामकृष्ण अस्पताल परिसर में हुई दुर्घटना के संबंध में प्रबंधन ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि आज शाम हमारे संस्थान में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसमें हमारे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में आवश्यक रखरखाव कार्य कर रहे तीन श्रमिक शामिल थे। इस घटना से हम अत्यंत दुखी हैं। ये श्रमिक एक बाहरी कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी के माध्यम से तैनात थे और नियमित कार्य के तहत एसटीपी क्षेत्र में प्रवेश किए थे, जहां कार्य के दौरान वे एक गंभीर आपात स्थिति का सामना कर बैठे। संबंधित कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है। हमारी संवेदनाएं दिवंगतों के परिवारों के साथ हैं।









