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Indians stranded in Russia: विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को खुलासा किया कि अभी भी 20 भारतीय रूस के युद्ध प्रभावित क्षेत्राें में फंसे हैं। इन सभी लोगों को इंडिया वापस लाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

20 Indians stranded in Russia: विदेश मंत्रालय (MEA)ने गुरुवार को दावा किया कि 20 भारतीय रूस के युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। सरकार इन सभी भारतीयों को वापस लाने की कोशिशों में जुटी हुई है। भारत सरकार इसके लिए इंडियन और रूसी अधिकारियों के संपर्क में है। बता दें कि कुछ एजेंट्स भारतीयों को अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर रूस ले गए थे। हालांकि, वहां पहुंचने पर इन लोगों को यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

'युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में नहीं जाएं भारतीय'
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि हमने इस मुद्दे को लेकर दो बार बयान जारी किया है। साथ ही सभी भारीतय नागरिकों से अनुरोध किया है कि वह युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में प्रवेश नहीं करें जिससे वे किसी मुश्किल में फंसे। हम यहां भारत में मौजूद रूसी अधिकारियों के साथ ही मॉस्को के रूसी अधिकारियों के संपर्क में हैं। 

हेल्पर जॉब देने का हुआ था वादा
मीडिया में आई खबरों के बाद यह बात पता चली थी कि कुछ इंडियंस को रूस में लेजाकर जबदस्ती सेना की ओर से लड़ने के लिए कहा जा रहा है। दरअसल, इन लोगों को रूस में हेल्पर का काम देने का भरोसा दिलाया गया था। वहां पहुंचने पर कुछ दस्तावेजों पर साइन कराने के बाद इन लोगों से रूस की प्राइवेट आर्मी में काम कराया जाने लगा। ऐस बताया जा रहा है कि इन इंडियस से जिन दस्तावेजों पर साइन लिए गए उसका गलत ट्रांसलेशन बताया गया था, जिससे यह सभी लोग अब वहां फंस गए हैं।

रूस में फंसे लोगों में हैदराबाद का सूफियान
रूस में फंसे लोगों में हैदराबाद का सूफियान भी शामिल है। सूफियान के भाई इमरान ने खुलासा किया था भारतीयों को रूस ले जाने में फैसल खान से जुड़े एजेंट्स काम कर रहे हैं। फैसल खान 'बाबा व्लॉग्स' नाम से एक यू ट्यूब चैनल चलाता है। रूस ले जाए गए लोगों को सपोर्ट जॉब्स यानी का हेल्पर की नौकरी देने का वादा किया गया था। हालांकि रूस पहुंचने के बाद उन्हें रसियन आर्मी ज्वाइन करा दिया गया। ऐसा बताया जा रहा है कि कम से कम नौ लाेग यूक्रेन बॉर्डर पर हैं। इनके परिवार के सदस्यों ने केंद्र सरकार से मदद मांगी है। असदुद्दीन ओवैसी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को चिट्ठी लिखकर इस मामले में दखल देने का अनुरोध किया है।

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