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Anxiety Remedies: बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने युवाओं में भी एंजाइटी की समस्या को बढ़ा दिया है। ऐसे में कुछ रिलैक्सेशन टेक्निक राहत दे सकती हैं।

Anxiety Remedies: आज का किशोर पहले से ज्यादा स्मार्ट और जागरूक है, लेकिन उतना ही दबाव में भी। पढ़ाई, करियर की चिंता, सोशल मीडिया पर तुलना और पर्सनल लाइफ की उलझनें ये सब मिलकर टीनएजर्स में एंजाइटी के मामलों को तेजी से बढ़ा रहे हैं। कई बार माता-पिता इसे सामान्य मूड स्विंग समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि अंदर ही अंदर बच्चा मानसिक तनाव से जूझ रहा होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते एंजाइटी के संकेत पहचान लिए जाएं, तो इसे संभालना आसान हो सकता है। सही मार्गदर्शन, खुला संवाद और कुछ आसान रिलैक्सेशन तकनीकें टीनएजर्स को मानसिक रूप से मजबूत बना सकती हैं। आइए जानते हैं कि आखिर एंजाइटी क्यों बढ़ रही है और इससे राहत पाने के असरदार तरीके क्या हैं।

क्यों बढ़ रही है टीनएजर्स में एंजाइटी?

अकादमिक दबाव - अच्छे नंबर लाने और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने का तनाव।

सोशल मीडिया का प्रभाव - दूसरों की 'परफेक्ट' जिंदगी देखकर खुद को कमतर आंकना।

करियर को लेकर असमंजस - कम उम्र में ही भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियां।

पारिवारिक या सामाजिक अपेक्षाएं - हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन का दबाव।

नींद और स्क्रीन टाइम की गड़बड़ी - देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल करना।

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एंजाइटी के आम लक्षण

  • बार-बार घबराहट या बेचैनी महसूस होना
  • नींद न आना या बहुत ज्यादा सोना
  • पढ़ाई में ध्यान न लगना
  • चिड़चिड़ापन या अचानक गुस्सा
  • आत्मविश्वास में कमी

यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

रिलैक्स रखने के असरदार तरीके

डीप ब्रीदिंग और मेडिटेशन
हर दिन 10-15 मिनट गहरी सांस लेने और ध्यान लगाने से दिमाग शांत होता है। यह तनाव हार्मोन को कम करने में मदद करता है।

फिजिकल एक्टिविटी
योग, दौड़ना, डांस या कोई भी खेल एंजाइटी कम करने में बेहद कारगर है। शारीरिक गतिविधि से ‘हैप्पी हार्मोन’ रिलीज होते हैं।

डिजिटल डिटॉक्स
दिन में कम से कम 1-2 घंटे मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाएं। इससे मानसिक शांति मिलती है।

ओपन कम्युनिकेशन
माता-पिता और दोस्तों से खुलकर बात करना बेहद जरूरी है। अपनी भावनाएं शेयर करने से मन हल्का होता है।

सही दिनचर्या
समय पर सोना, पौष्टिक भोजन लेना और नियमित रूटीन फॉलो करना मानसिक संतुलन बनाए रखने में मददगार है।

(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)

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(लेखक:कीर्ति)

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