Logo
Diabetes Causes: डायबिटीज लाइफस्टाइल से जुड़ी हुई बीमारी है। इस डिजीज को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। इस बीमारी के लिए हमारी खराब आदतें जिम्मेदार होती हैं।

Diabetes Causes: डायबिटीज अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। तेजी से बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी ने युवाओं को भी इसकी चपेट में ला दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि कई बार बीमारी अचानक नहीं आती, बल्कि हमारी रोज़मर्रा की कुछ छोटी-छोटी गलत आदतें धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर करती रहती हैं।

अगर समय रहते इन आदतों को पहचान लिया जाए और रूटीन में सुधार कर लिया जाए, तो डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसी 5 खराब आदतों के बारे में, जो भविष्य में ब्लड शुगर बढ़ने की बड़ी वजह बन सकती हैं।

5 खराब आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार

ज्यादा मीठा और प्रोसेस्ड फूड खाना
रोजाना ज्यादा मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, पैकेट जूस और प्रोसेस्ड स्नैक्स का सेवन ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाता है। इन चीजों में रिफाइंड शुगर और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, जो इंसुलिन पर अतिरिक्त दबाव डालती है। लंबे समय तक ऐसा खानपान इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकता है।

फिजिकल एक्टिविटी की कमी
दिनभर कुर्सी पर बैठकर काम करना और एक्सरसाइज से दूरी बनाए रखना भी डायबिटीज का बड़ा कारण है। जब शरीर एक्टिव नहीं रहता, तो ग्लूकोज सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पाता। रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक या हल्की कसरत ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद करती है।

Henna on Hairs: बालों में मेहंदी लगाने का सही तरीका जानते हैं? स्टेप बाय स्टेप समझें कैसे अप्लाई करें

Turmeric Powder: मिलावटी हल्दी से बचना चाहते हैं? घर पर कच्ची हल्दी से ऐसे तैयार करें शुद्ध मसाला

Isabgol Benefits: पेट की समस्याओं में रामबाण है ईसबगोल! इन तरीकों से करें सेवन, मिलेंगे बड़े फायदे

देर रात तक जागना और कम नींद लेना
नींद की कमी हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ सकती है। रिसर्च बताती हैं कि 6-8 घंटे की पर्याप्त नींद न लेने से इंसुलिन की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करने की आदत भी मेटाबॉलिज्म पर नकारात्मक असर डालती है।

बढ़ता वजन और पेट की चर्बी
मोटापा, खासकर पेट के आसपास जमा चर्बी, टाइप-2 डायबिटीज का प्रमुख जोखिम कारक है। अतिरिक्त फैट शरीर में इंसुलिन के काम करने की क्षमता को कम कर देता है। संतुलित डाइट और नियमित व्यायाम से वजन को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है।

तनाव और अनियमित दिनचर्या
लगातार मानसिक तनाव भी ब्लड शुगर बढ़ा सकता है। स्ट्रेस हार्मोन शरीर में ग्लूकोज का स्तर बढ़ाते हैं। इसके अलावा अनियमित समय पर खाना, नाश्ता छोड़ना और ओवरईटिंग जैसी आदतें भी जोखिम बढ़ाती हैं। योग, ध्यान और समय पर भोजन से इस समस्या को कम किया जा सकता है।

(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)

अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए [haribhoomi.com] के साथ।

5379487