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OMG! यहां सुहागरात के बाद सिर्फ घरवाले नहीं पूरा गांव चेक करता है लड़की की वर्जिनिटी

अलग शहर और देश में शादी से जुड़े अलग-अलग रीति-रिवाज है। कुछ लोग शादी के लिए सदियों से चली आ रही परंपरा निभाते हैं तो कुछ लोग समय के हिसाब से बदलते जाते हैं। आज हम आपको एक ऐसी परंपरा के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानकर आपके होश उड़ जाएंगे।

OMG! यहां सुहागरात के बाद सिर्फ घरवाले नहीं पूरा गांव चेक करता है लड़की की वर्जिनिटी
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अलग शहर और देश में शादी से जुड़े अलग-अलग रीति-रिवाज है। कुछ लोग शादी के लिए सदियों से चली आ रही परंपरा निभाते हैं तो कुछ लोग समय के हिसाब से बदलते जाते हैं। आज हम आपको एक ऐसी परंपरा के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानकर आपके होश उड़ जाएंगे। आप भी हैरत में पड़ जाएंगे कि क्या वाकई किसी लड़की की वर्जिनिटी सिर्फ घरवाले नहीं बल्कि पूरा गांव चेक करता है।

एक तरफ तो लोग वेस्टर्न कल्चर अपना रहे हैं वहीं आज भी कुछ समुदाय ऐसे हैं जो सुहागरात के बाद सफेद चादर को देखकर ही लड़की की वर्जिनिटी चेक करते हैं। लेकिन जिस जगह की बात हम करने जा रहे हैं वहां की परंपरा तो और ही अजीब है।

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ये है वह समुदाय

महाराष्ट्र में कंजरभाट नाम का एक समुदाय है। इस समुदाय में शादी होने के बाद सुहागरात से पहले कपल्स को सफेद चादर दी जाती है और उसे सुबह चेक किया जाता है कि उस पर ब्लड स्पॉट्स हैं कि नहीं।

इतना ही नहीं हैरान करने वाली बात ये है कि कपल की सुहागरात के समय घरवालों के साथ-साथ पूरा गांव और सरपंच कपल के कमरे के बाहर बैठे रहते हैं।

20 साल से चल रही परंपरा

समुदाय के लोगों का कहना है कि यह परंपरा 20 सालों से चली आ रही है और हम इसे निभाते हैं। पंजाब केसरी की रिपोर्ट के मुताबिक अगर महिला वर्जिनिटी टेस्ट में पास हो जाती है तो ठीक और अगर फेल हो गई तो उसके साथ जानवरों जैसा बर्ताव किया जाता है।

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कुछ युवाओं ने जताया विरोध

हालांकि इस समुदाय के कुछ युवाओं ने इस परंपरा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। युवाओं का मानना है कि वर्जिनिटी टेस्ट करना किसी भी कपल की प्राइवेसी का हनन करना है। लोग इसे फॉलो तो नहीं करना चाहते लेकिन सामाजिक दबावों के कारण कोई भी सरपंच के सामने बोलने के लिए राजी नहीं होता है।

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