Logo
राज्य सेवा परीक्षा 2026 में इस बार 1.30 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। पद कम होने के बावजूद आवेदनों में बढ़ोतरी हुई है। देर से आवेदन करने पर 3 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक का विलंब शुल्क देना होगा।

राज्य सेवा परीक्षा 2026 को लेकर इस बार युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला है। पिछले कुछ वर्षों में जहां आवेदकों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही थी, वहीं इस साल आवेदन करने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार करीब 1 लाख 30 हजार अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के लिए फॉर्म भरा है। आवेदन प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू होकर 9 फरवरी की रात 12 बजे तक चली। खास बात यह रही कि अंतिम दिन ही 5 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया। बड़ी संख्या में लोगों ने आखिरी समय तक फॉर्म भरे।

ऑनलाइन आवेदन के दौरान कुछ तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें भी सामने आईं। कई उम्मीदवारों ने सर्वर स्लो होने और फीस भुगतान में समस्या आने की बात कही। बावजूद इसके, कुल आवेदनों का आंकड़ा 1.30 लाख तक पहुंच गया, जो पिछले साल से ज्यादा है। वर्ष 2025 में 158 पदों के लिए लगभग 1.18 लाख आवेदन आए थे, जबकि इस बार 155 पदों के लिए 1.30 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। यानी इस बार सीटें जरूर कुछ कम हैं, लेकिन प्रतियोगी परीक्षा पिछले साल की तुलना में ज्यादा कड़ी रहने वाली है।

अगर पिछले सालों का रुझान देखें तो 2024 में 110 पदों पर कुल 1.83 लाख लोगों ने आवदेन किया था। जबकि, 2023 में कुल 229 पदों पर 2.30 लाख लोगों ने आवेदन किया था। साल 2022 में 427 पदों पर कुल 2.75 लाख और 2021 में 283 पदों के लिए कुल 3 लाख से अधिक लोगों ने आवेदन किए थे। इन आंकड़ों से पता चलता है कि बीच के सालों में संख्या में गिरावट आई, वहीं इस बार फिर से हल्की बढ़त देखने को मिली है। प्री परीक्षा 26 अप्रैल को प्रस्तावित है, जिससे उम्मीदवारों के पास तैयारी के लिए काफी सीमित समय बाकी बचा है। 

आयोग ने विलंब शुल्क को लेकर भी सख्त नियम बनाए हैं। निर्धारित तिथि के बाद पहले सात दिनों तक आवेदन करने पर 3 हजार रुपए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इसके बाद यह राशि सीधे 25 हजार रुपए तक पहुंच जाएगी, जो सामान्य फीस की तुलना में काफी ज्यादा है। इस सख्ती का मकसद उम्मीदवारों को समय सीमा के भीतर आवेदन के लिए प्रेरित करना है। कुल मिलाकर, राज्य सेवा परीक्षा 2026 में बढ़ी हुई आवेदन संख्या यह दिखाती है कि युवाओं का भरोसा अब भी प्रशासनिक सेवाओं पर कायम है और इस बार मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।

(एपी सिंह की रिपोर्ट)

5379487