Ghooskhor Pandit title change: मनोज बाजपेयी की अगली नेटफ्लिक्स फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के रिलीज से पहले ही विवाद में फंस गई है। फिल्म के टाइटल को लेकर छिड़े विवाद के बाद मामला दिल्ली हाईकोर्ट तक जा पहुंचा, जिसपर अब फिल्म के मेकर्स ने बड़ा कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेटफ्लिक्स ने फिल्म का टाइटल बदलने की बात दिल्ली हाईकोर्ट के सामने रखी है।
नेटफ्लिक्स ने दिल्ली हाई कोर्ट को जानकारी दी है कि फिल्म का टाइटल बदल दिया जाएगा, लेकिन अभी नए टाइटल की घोषणा नहीं की गई है।
बदला जाएगा फिल्म का नाम
यह फिल्म हाल ही में मुंबई में नेटफ्लिक्स के स्लेट लॉन्च इवेंट में घोषित की गई थी, लेकिन फिल्म के टाइटल को लेकर कई लोगों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की बात कही। इसके बाद फिल्म के मेकर्स और मनोज बाजपेयी के खिलाफ FIR दर्ज की गई और दिल्ली हाई कोर्ट में OTT प्लेटफॉर्म पर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की याचिका दायर की गई थी।
हालांकि, अब दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है। आईएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, नेटफ्लिक्स ने कोर्ट को सूचित किया कि फिल्म का टाइटल बदल दिया जाएगा और नीरज पांडे के निर्देशन में बनी इस फिल्म की सभी प्रमोशनल सामग्री को सोशल मीडिया से हटा दिया गया है।
The Delhi High Court disposed of a plea seeking a stay on the release and streaming of the upcoming Netflix film Ghooskhor Pandat.
— IANS (@ians_india) February 10, 2026
Netflix informed the court that the film’s title will be changed and that all promotional material has already been removed from social media. The… pic.twitter.com/k6gzas7fWj
विवाद का कारण
फिल्म की घोषणा के तुरंत बाद ही ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने असपर आपत्ति जताई और इसे कहा कि ‘घूसखोर पंडत’ नाम से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। सोशल मीडिया पर फिल्म के मेकर्स, नेटफ्लिक्स और मनोज बाजपेयी के खिलाफ आलोचना हुई, FIR दर्ज की गई और कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए।
मनोज बाजपेयी का बयान
मनोज बाजपेयी ने शुक्रवार को ट्वीट करके कहा, “मैं उन भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करता हूं जो लोगों ने साझा की हैं और उन्हें गंभीरता से लेता हूं। जब आप जिस काम का हिस्सा होते हैं, वह किसी को चोट पहुंचाता है, तो आपको रुककर सुनना पड़ता है। एक अभिनेता के रूप में, मैं किसी फिल्म में किरदार और कहानी के माध्यम से जाता हूं। मेरे लिए यह एक दोषपूर्ण व्यक्ति और उसकी आत्म-साक्षात्कार की यात्रा को दर्शाने के बारे में था। इसका किसी समुदाय के खिलाफ कोई इरादा नहीं था।”
I respect the emotions and concerns people have shared, and I take them seriously. When something you are part of causes hurt to some people, it makes you pause and listen.
— manoj bajpayee (@BajpayeeManoj) February 6, 2026
As an actor, I come to a film through the character and the story I am playing. For me, this was about… https://t.co/IGlQtLQeNs
उन्होंने आगे कहा, “नीरज पांडे के साथ मेरे अनुभव में, हमेशा फिल्मों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ बनाया गया है। सार्वजनिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, फिल्मकारों ने प्रमोशनल सामग्री हटा दी है। यह दर्शाता है कि उनकी चिंताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।”










