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स्कूल खुलने में कुछ हफ्ते बाकी, बच्चों को स्कूल के लिए ऐसे करें तैयार

एडमिशन और इंटरव्यू सेक्शन के बाद अब न्यू स्कूल गोईंग नर्सरी क्लास के बच्चों को स्कूल भेजना पैरेंट के लिए चुनौती हाेती है।

स्कूल खुलने में कुछ हफ्ते बाकी, बच्चों को स्कूल के लिए  ऐसे करें तैयार

16 जून से स्कूल खुल जाएंगे। नर्सरी स्कूलों में एडमिशन भी लगभग अंतिम चरण में है। एडमिशन और इंटरव्यू सेक्शन के बाद अब न्यू स्कूल गोईंग नर्सरी क्लास के बच्चों को स्कूल भेजना पैरेंट के लिए चुनौती हाेती है।

केयर, स्टडी, डाइट सबके लिए महीने दो महीने तक पैरेंट्स परेशान रहते हैं। इस परेशानी से बचने के लिए साइकोलॉजिस्ट, काउंसलर और टीचर बता रहे हैं कि प्री-नर्सरी गोईंग किड्स को कैसे स्कूल के लिए प्रीपेयर करें।

अभी स्कूल खुलने में लगभग कुछ हफ्तों का समय है। ऐसे में बच्चें को घर में ही स्कूल जैसा महौल देने कालोनियों के सभी न्यू नर्सरी गोईंग बच्चों को एक जगह पर खेल, स्टडी की व्यवस्था करें। इससे बच्चे फ्रेंडली हो जाएंगे। घर से दूर रहने की आदत बनेगी।

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घर पर बच्चों की तैयारी

शिक्षिक व काउंसलर डॉ. वर्षा वरवंडकर का कहना है, घर पर नर्सरी जैसी माहौल तैयार करें और उन्हें कुछ बेसिक नॉलेज दें। खुद को इंट्रोड्यूस करना, फेमस राइम्स, एड्रेस, काउंटिंग जैसी चीजें उन्हें घर पर खेल-खेल में ही सिखाएं।

उन्हें कुछ लिखने को दें, ताकि अल्फाबेट्स पर उनकी पकड़ बन सके। उन्हें कलरफुल चित्रों से सिखाएं ताकि उन्हें जल्दी याद हो सके। बच्चे को स्कूल टाइम के लिए भी रेडी करना न भूलें।

इसके अलावा, अगर बच्चे को किसी खास क्षेत्र में तैयार करना चाहते हैं, तो इसके लिए भी बच्चे को प्रिपेयर करें ताकि जब स्कूल मैनेजमेंट इस बारे में सवाल पूछे, तो बच्चा जवाब दे सके।

घर का माहौल बदलें

मनोवैज्ञानिक डॉ. अंबा सेठी का कहना है, बच्चों से मॉम को थोड़ी दूरी बनाकर रखना होगा। घर का महौल नर्सरी स्कूल के जैसा बनाना होगा। बच्चों को खुद खाना खाने आैर अपनी कामों को करने की धीरे-धीरे आदत डालें।

बच्चेें को दूसरे बच्चों के साथ खेलने दें। इस तरह से धीरे-धीरे बच्चों की सोच व आदत स्कूल के माहौल में ढलने लगेगी।

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बच्चों को स्कूल में मॉम जैसा केयर

नर्सरी स्कूल के शिक्षिका कनिका शर्मा का कहना है, बच्चों काे स्कूल में घर जैसा ही माहौल दिया जाता है। ताकि बच्चों को घर की याद नहीं आए। खेल, स्टडी व केयर से बच्चों को स्कूल में सप्ताह भर में फ्रेंडली बेहेवियर में ढाल लिया जाता है।

इसके बाद ज्यादा परेशानी नहीं होती है। इसके बाद भी पालकों को अपने स्तर पर तैयारी करनी चाहिए।

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