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Career Advice: डायटीशियन के क्षेत्र में है लाखों अवसर, मिलेगा मोटा पैसा और अच्छी नौकरी

आज के समय में डायटीशियन के क्षेत्र में नौकरी पाने बहुत शानदार अवसर है। क्योंकि डायटीशियन क्षेत्र से संबंधित बहुत सारी बातें होम साइंस के तहत बताई-पढ़ाई जाती हैं।

Career Advice: डायटीशियन के क्षेत्र में है लाखों अवसर, मिलेगा मोटा पैसा और अच्छी नौकरी

आज के समय में डायटीशियन के क्षेत्र में नौकरी पाने बहुत शानदार अवसर है। क्योंकि डायटीशियन क्षेत्र से संबंधित बहुत सारी बातें होम साइंस के तहत बताई-पढ़ाई जाती हैं।

डायटीशियन कोर्स में एक साल का पीजी डिप्लोमा भी किया जा सकता है। कोर्स कंप्लीट करने के बाद आप गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर नौकरियां प्राप्त कर सकते हैं। हमारे करियर एक्सपर्ट ज्ञान प्रकाश करियर संबंधित समस्या के सुझाव के लिए सदैव तैयार हैं।

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सवाल - मैंने होम साइंस से एमए किया है। मैं यह जानना चाहती हूं कि डायटीशियन बनने के लिए कौन-सा कोर्स करना होगा? क्या इसके बाद सरकारी जॉब मिल सकती है? -नताशा, जींद

जवाब - बेशक डायटीशियन की फील्ड से संबंधित बहुत सारी बातें होमसाइंस के तहत बताई-पढ़ाई जाती हैं, लेकिन एक डायटीशियन के रूप में करियर बनाने के लिए इससे संबंधित योग्यता के साथ-साथ एक आधिकारिक डायटीशियन के रूप में पंजीकरण भी कराना होता है। उसके बाद ही आप नौकरी या प्रैक्टिस के लिए सक्षम हो सकेंगी।

चूंकि आपने होमसाइंस में एमए कर रखा है, इसलिए अगर अब आप डायटीशियन कोर्स में एक साल का पीजी डिप्लोमा करते हुए इस दौरान किसी हेल्थ केयर सेंटर पर 7-8 सप्ताह की अनिवार्य इंटर्नशिप कर लेती हैं, तो इसके आधार पर एक डायटीशियन के रूप में रजिस्ट्रेशन कराना आसान हो जाएगा।

यहां आपको न्यूट्रिशनिस्ट और डायटीशियन में फर्क समझते हुए आगे बढ़ना होगा। न्यूट्रिशनिस्ट जहां किसी व्यक्ति को उसकी उम्र और वजन के अनुसार पोषणयुक्त आहार की मात्रा और आहार की वैरायटी के बारे में सुझाव देता है, वहीं डायटीशियन नर्सिंग होम या हॉस्पिटल में किसी मरीज को उसकी स्थिति और रिकवरी के अनुसार उपयुक्त आहार के बारे में सिफारिश करता है।

पीजी डिप्लोमा के आधार पर एक डायटीशियन के रूप में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आपको इंडियन डायटेटिक एसोसिएशन (आईडीए) द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा पास करनी होगी। इसके बारे में आप आईडीए की वेबसाइट से और अधिक जानकारी हासिल कर सकती हैं। डायटिशियंस के लिए जॉब्स के भरपूर अवसर उपलब्ध हैं।

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सवाल - मैं पीसीएम से बीएससी कर रहा हूं और एनर्जी साइंस में करियर बनाना चाहता हूं। इसके लिए मुझे किस सब्जेक्ट से एमएससी करना होगा और फिर मैं कहां जॉब पा सकता हूं? -हरिशंकर, रायपुर

जवाब - देश के कई विश्वविद्यालयों और संस्थानों में एनर्जी साइंस पर आधारित पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स संचालित किया जाता है, जहां से आप पीजी और फिर पीएचडी कर सकते हैं।

इनमें आईआईटी दिल्ली, कोटा यूनिवर्सिटी, पुणे यूनिवर्सिटी, देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी इंदौर, आईआईटी मुंबई, वीआईटी वेल्लोर, एनआईटी तिरुचिरापल्ली, एनआईटी कालीकट, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल, मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भोपाल आदि प्रमुख हैं।

हैदराबाद और अन्नामलाई यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा डिस्टेंस लर्निंग के जरिए भी किया जा सकता है। कोर्स कंप्लीट करने के बाद आप गवर्नमेंट और प्राइवेट सेक्टर के पॉवर प्लांट्स में जॉब पा सकते हैं।

सवाल - मैंने जेबीटी किया है। अब हिंदी, अंग्रेजी और इतिहास से बीए कर रही हूं। मैं एसडीएम बनना चाहती हूं। मुझे कौन-सा एग्जाम पास करना होगा? उसकी तैयारी कैसे की जाती है? कृपया विस्तार से बताइए। -रवीना चौधरी, ईमेल से

जवाब - एसडीएम बनने के लिए आपको ग्रेजुएशन के आधार पर राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस (प्रॉविंशियल सिविल सर्विस एग्जाम) पास करनी होगी। यह कमोबेश संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित सिविल सर्विस एग्जाम (जिसमें आईएएस, आईपीएस आदि का चयन होता है) जैसी ही है।

इसमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के रूप में तीन चरण होते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न होते हैं, जिसमें सामान्य अध्ययन के प्रश्न पूछे जाते हैं। मुख्य परीक्षा में एक वैकल्पिक विषय (आयोग की सूची से अपनी पसंद का कोई एक) लेना होता है। इसके अलावा सामान्य अध्ययन के पेपर भी होते हैं।

यह चरण डिस्क्रिप्टिव परीक्षा का है। इसे क्वालिफाई करने वालों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है और आखिर में मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के अंकों के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों के नामों की घोषणा की जाती है। इसके लिए आपको अभी से राज्य लोक सेवा आयोग की साइट से सिलेबस डाउनलोड करके एनसीईआरटी की किताबों से तैयारी आरंभ कर देनी चाहिए। साथ ही प्रश्नों को हल करने का अभ्यास भी करना चाहिए।

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