Web Analytics Made Easy - StatCounter
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

हैप्पीनेस कोर्स माध्यम से दूसरों को दें खुशहाली, संवारें अपना भविष्य

अगर आपको हर हाल में खुश रहना आता है और इसके गुर आप दूसरों को भी सिखाने की इच्छा रखते हैं तो इसमें अपना करियर भी संवार सकते हैं।

हैप्पीनेस कोर्स माध्यम से दूसरों को दें खुशहाली, संवारें अपना भविष्य

अगर आपको हर हाल में खुश रहना आता है और इसके गुर आप दूसरों को भी सिखाने की इच्छा रखते हैं तो इसमें अपना करियर भी संवार सकते हैं। हाल में दिल्ली सरकार के स्कूलों में हैप्पीनेस कुरिकुलम शुरू किया गया है। साथ ही दिल्ली विवि में हैप्पीनेस कोर्स में सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू हुआ है। इस बारे में विस्तार से जानिए।

आज के दौर में हर वर्ग के लोग अनेक प्रकार के दबावों से जूझ रहे हैं। काम-काजी लोगों पर वर्क प्रेशर है तो छात्रों पर करियर और स्टडी का दबाव है। दबाव के कारण तमाम सुख-सुविधाओं के बावजूद लोगों के चेहरे से मुस्कुराहट गायब होती जा रही है।

प्रतिस्पर्धा का सबसे ज्यादा असर छात्रों में देखा जा रहा है। इनको तनावमुक्त रखने के लिए ही बीते जुलाई महीने में दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों में ‘खुशी पाठ्यक्रम’ यानी हैप्पीनेस कोर्स को बच्चों के कुरिकुलम में शामिल किया है। इसमें छात्र-शिक्षक दोनों सहभागी होंगे।

यह भी पढ़ेंः 12वीं पास के लिए अच्छा विकल्प है नर्सिंग और फार्मा, बेहतर होगा करियर

शुरू हुआ कोर्स

आने वाले दौर में देश के अन्य स्कूलों में ऐसे कोर्स शुरू किए जाने की संभावना के मद्देनजर दिल्ली विश्वविद्यालय के रामानुजन कॉलेज में हैप्पीनेस कोर्स शुरू किया गया है। इसके लिए स्कूल ऑफ हैप्पीनेस सेंटर स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में खुशी पर रिसर्च कराना है।

इसके तहत कैंडिडेट्स को तनाव से लड़ना, ज्ञान प्रबंधन और मनोभाव पर रिसर्च करना सिखाया जाएगा। रामानुजन के अलावा देश के अन्य संस्थाओं में भी यह कोर्स शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। कई मैनेजमेंट संस्थान भी इस पर विचार कर रहे हैं।

कोर्स स्ट्रक्चर

हैप्पीनेस में एक्सपर्ट प्रोफेशनल्स तैयार करने के लिए इस सर्टिफिकेट कोर्स के तहत खुशी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर शोध किया जाएगा। शोध के मुख्य क्षेत्रों में स्ट्रेस-मैनेजमेंट, एटीट्यूड मैनेजमेंट शामिल होंगे। शिक्षकों और छात्रों में क्रियात्मक दृष्टिकोण और सकारात्मक रवैया, व्यक्तिगत तौर पर खुश रहने के लिए बहुत जरूरी है।

इनको अपनी जीवनशैली में कैसे लाया जाए, इस पर भी पढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही च्वाइस मैनेजमेंट के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। इस सर्टिफिकेट कोर्स की अवधि छह माह है। इसके तहत छात्रों को खुश रखने के गुर और उनके उपायों पर विचार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कोर्स का उद्देश्य

आज कई प्रकार की जानकारियां इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध हैं। इन जानकारियों में से उपयोगी जानकारी का चयन करना खुश रहने के लिए बहुत जरूरी है। सारी जानकारियों का उपयोग करना किसी व्यक्ति के लिए संभव नहीं है। इसलिए इस दिशा में अध्ययन जरूरी है।

खुशी तमाम लोगों के लिए और तमाम उम्र वालों के लिए एक नहीं हो सकती। युवा वर्ग के लिए चुनौतियों को स्वीकार करना और विषम परिस्थितियों का समाधान करना खुशी प्राप्त करने का साधन हो सकता है, वहीं बुजुर्गों के लिए मन की शांति और परमार्थ खुशी का साधन होगा।

इसलिए कौन सी चीज किस वर्ग विशेष के लिए खुशी का कारण होगा, यह भी एक शोध का विषय है। कोर्स करने के बाद कैंडिडेट की कर्तव्यनिष्ठा और कार्य रुचि में बढ़ोत्तरी होगी क्योंकि इस कोर्स का मुख्य मकसद यह है कि किस प्रकार से युवाओं में नैतिकता और मूल्य के जरिए खुशहाली का संचार हो।

ऑपर्च्युनिटी

इस कोर्स को करने के बाद युवा विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं में काम कर सकते हैं। प्रबंधन संस्थान और कॉरपोरेट कंपनियां भी अपने यहां सेवाएं लेंगी। भारत में फिलहाल इसके लिए संगठित तौर पर रोजगार के अवसर भले ही नहीं दिखाई देता है लेकिन आने वाले समय में ऐसे युवाओं की जरूरत स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, विभिन्न प्रबंधन संस्थान, कंपनियों और अन्य संस्थाओं में होगी। दूसरों को खुश रखने के लिए कोर्स करने के बाद युवा काउंसलिंग सेंटर भी खोल सकते हैं।

यह भी पढ़ेंः Career Advice: डिजास्टर मैनेजमेंट कोर्स में बनाएं अपना करियर, बेहतर होगा भविष्य

फ्यूचर में बढ़ेगी डिमांड

इस कोर्स की उपयोगिता के बारे में दिल्ली विश्वविद्यालय के रामानुजन कॉलेज के स्कूल ऑफ हैप्पीनेस के निदेशक, डॉ. टी.के. मिश्रा कहते हैं, ‘भारत का हैप्पीनेस इंडेक्स में स्थान 110वां है। इस इंडेक्स में भारत की स्थिति कैसे सुधरे इस दिशा में विभिन्न संस्थाओं के जरिए काम किए जाने की जरूरत है।

रामानुजन कॉलेज में इस सर्टिफिकेट कोर्स के अंतर्गत इस दिशा में एक अनोखा प्रयोग किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न विषयों के शिक्षक और छात्र खुशी के बारे में अध्ययन कर रहे हैं।

इसके तहत छात्रों को यह सिखाया जाएगा कि दबाव पड़ने पर कैसे इससे मुक्त होकर काम किया जा सकता है। इस कोर्स के जरिए युवाओं की कार्यक्षमता में भी बढ़ोतरी होगी। आने वाले दौर में हैप्पीनेस में एक्सपर्ट लोगों की भरपूर डिमांड होगी।’

Next Story
Share it
Top