New Rules: मार्च का महीना खत्म होने के साथ ही 1 अप्रैल 2026 से नया वित्त वर्ष (फाइनेंशियल ईयर) शुरू हो रहा है। इसके साथ ही ऑटोमोबाइल सेक्टर में कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। कीमतों में बढ़ोतरी से लेकर नए फ्यूल नियम तक, इन बदलावों का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।
1 अप्रैल से महंगी होंगी गाड़ियां
- कई प्रमुख ऑटो कंपनियों ने अपनी गाड़ियों की कीमत बढ़ाने का ऐलान किया है। टाटा मोटर्स ने अपने पैसेंजर व्हीकल्स की कीमतों में 0.5% तक और कमर्शियल व्हीकल्स में 1.5% तक की बढ़ोतरी का फैसला लिया है। कंपनी के अनुसार, यह फैसला बढ़ती इनपुट कॉस्ट के चलते लिया गया है।
- वहीं JSW MG Motor India भी अपने पोर्टफोलियो पर अधिकतम 2% तक कीमत बढ़ाने जा रही है, जो 1 अप्रैल से लागू होगी। Honda Cars India पहले ही जनवरी 2026 में कीमतें बढ़ा चुकी है और अप्रैल में फिर संशोधन संभव है। Honda Amaze, City और Elevate जैसे मॉडल इससे प्रभावित हुए हैं।
लग्जरी कारें भी होंगी महंगी
प्रीमियम सेगमेंट में भी कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। Audi, BMW Group और Mercedes-Benz India ने करीब 2% तक कीमत बढ़ाने का ऐलान किया है।
E20 फ्यूल होगा अनिवार्य
1 अप्रैल से देशभर में E20 फ्यूल लागू किया जाएगा। इस फ्यूल में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण होता है। सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात को कम करना और प्रदूषण घटाना है। नई गाड़ियां इस फ्यूल के साथ कम्पैटिबल हैं, लेकिन पुरानी गाड़ियों में 3–7% तक माइलेज कम हो सकता है। साथ ही लंबे समय में इंजन पर अतिरिक्त घिसाव का असर भी देखने को मिल सकता है।
क्या होगा असर?
इन बदलावों के बाद नई कार खरीदना महंगा हो जाएगा, जबकि E20 फ्यूल से पर्यावरण को फायदा मिलने की उम्मीद है। ऐसे में ग्राहकों को खरीदारी से पहले इन बदलावों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
(मंजू कुमारी)









