20 February 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 20 फरवरी 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज के दिन फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि दोपहर 02:38 बजे तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ होगी। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और संतोषी माता की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्योदय: प्रातः 06:56 बजे
सूर्यास्त: सायं 06:16 बजे
चंद्रोदय: सुबह 08:25 बजे
चंद्रास्त: रात्रि 09:13 बजे
नक्षत्र और योग
आज उत्तर भाद्रपद नक्षत्र रात्रि 08:07 बजे तक रहेगा। इसके बाद रेवती नक्षत्र का आरंभ होगा। उत्तर भाद्रपद नक्षत्र को स्थिर और शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। आज का योग साध्य योग सायं 06:23 बजे तक रहेगा। साध्य योग में किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक रहती है।
करण
गर करण दोपहर 02:38 बजे तक
वणिज करण रात्रि 01:51 बजे (21 फरवरी) तक
हिन्दू संवत्सर विवरण
- शक संवत: 1947 विश्वावसु
- विक्रम संवत: 2082 कालयुक्त
- गुजराती संवत: 2082 पिंगल
- चंद्रमास: फाल्गुन (पूर्णिमांत और अमांत दोनों परंपराओं में)
आज के शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त: 12:13 बजे से 12:58 बजे तक
- विजय मुहूर्त: 02:29 बजे से 03:14 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: 05:14 बजे से 06:05 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:10 बजे (21 फरवरी) से 01:01 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: 06:13 बजे से 06:39 बजे तक
- अमृत काल: 03:28 बजे से 05:01 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त
- दुर्मुहूर्त: 09:12 बजे से 09:57 बजे तक, तथा 12:58 बजे से 01:44 बजे तक
- राहुकाल: 11:11 बजे से 12:36 बजे तक
- यमगण्ड: 03:26 बजे से 04:51 बजे तक
- गुलिक काल: 08:21 बजे से 09:46 बजे तक
पंचक और भद्रा का प्रभाव
आज पूरे दिन पंचक रहेगा। पंचक को सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए टालने योग्य माना जाता है, विशेषकर निर्माण, लकड़ी से संबंधित कार्य और यात्रा में सावधानी बरतनी चाहिए। भद्रा का आरंभ 21 फरवरी की रात्रि 01:51 बजे से होगा और प्रातः 06:55 बजे तक रहेगा। भद्रा काल में मांगलिक और शुभ कार्य करने से परहेज किया जाता है।
20 फरवरी 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत विशेष है। एक ओर जहां दिनभर पंचक का प्रभाव है, वहीं रात्रि में सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और रवि योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं। ऐसे में यदि कोई महत्वपूर्ण कार्य करना हो तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए ही निर्णय लें।








