US Tariff on India: वेनेजुएला के बाद अब भारत, चीन और ब्राजील पर सख्ती, 500% टैरिफ वाले बिल को ट्रंप की हरी झंडी

भारत और चीन के लिए आने वाले दिन व्यापारिक मोर्चे पर चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे द्विदलीय (बाइपार्टिजन) विधेयक को हरी झंडी दे दी है।

Updated On 2026-01-08 11:36:00 IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर बढ़ाने जा रहे टैरिफ

भारत और चीन के लिए आने वाले दिन व्यापारिक मोर्चे पर चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे द्विदलीय (बाइपार्टिजन) विधेयक को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत रूस से तेल और यूरेनियम खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है। यह बिल अगले सप्ताह ही अमेरिकी संसद में वोटिंग के लिए आ सकता है।

रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी बैठक सकारात्मक रही, जिसके बाद इस विधेयक को आगे बढ़ाने की मंजूरी मिली है। इस कानून का उद्देश्य उन देशों पर दबाव बनाना है, जो रूस से सस्ता तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं।

यह बिल डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल के साथ मिलकर पेश किया गया है। इसके जरिए अमेरिका को भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर आर्थिक दबाव डालने का अधिकार मिलेगा। ग्राहम का कहना है कि यूक्रेन शांति वार्ता के लिए रियायतें दे रहा है, लेकिन रूस की ओर से हिंसा जारी है, ऐसे में यह कानून बेहद अहम साबित होगा।

दरअसल, अमेरिका पहले ही संकेत दे चुका है कि भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है। बीते साल ट्रंप ने भारतीय आयात पर 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ और रूस से तेल खरीदने पर अलग से 25 प्रतिशत पेनल्टी लगाने का ऐलान किया था। इससे कुछ भारतीय उत्पादों पर कुल शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जिससे भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव आ गया था।

चीन और अमेरिका के रिश्ते भी टैरिफ वॉर के चलते पहले से खराब हैं। अमेरिका ने चीनी उत्पादों पर 145 प्रतिशत तक शुल्क लगाया था, जिसके जवाब में चीन ने अमेरिकी सामानों पर 125 प्रतिशत टैरिफ ठोक दिया। अब नया बिल लागू होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है।

हाल ही में एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जानते थे कि मैं खुश नहीं हूं। हालांकि उन्होंने मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें “अच्छा इंसान” भी बताया, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि भारत पर टैरिफ बढ़ाना अमेरिका के लिए मुश्किल नहीं है।

इसी बीच, अमेरिका ने भारतीय चावल के निर्यात को लेकर भी आपत्ति जताई है। व्हाइट हाउस की एक बैठक में अमेरिकी किसानों ने भारत, चीन और थाईलैंड पर डंपिंग का आरोप लगाया, जिसके बाद ट्रंप ने नए टैरिफ की चेतावनी दी।

फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच व्यापार विवाद सुलझाने को लेकर बातचीत अटकी हुई है। अमेरिका चाहता है कि भारत कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम करे, जबकि नई दिल्ली अपने किसानों और डेयरी सेक्टर की सुरक्षा को लेकर अडिग है। आने वाले सप्ताह यह तय करेंगे कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंध किस दिशा में जाते हैं।

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