यूपी बजट सत्र 2026: 9 फरवरी से शुरू होगा विधानसभा का संग्राम; 11 फरवरी को वित्त मंत्री खन्ना पेश करेंगे योगी सरकार का 'महाबजट'

उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा, जिसकी शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना 11 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।

Updated On 2026-01-29 16:20:00 IST

​9 फरवरी को सुबह 11 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधानसभा और विधान परिषद की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अगले कुछ हफ्ते काफी सरगर्मी भरे रहने वाले हैं। योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक और महत्वपूर्ण बजट सत्र 9 फरवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है।

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गुरुवार को कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को बताया कि सरकार इस बार के बजट में बुनियादी ढांचे, युवाओं के रोजगार और किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान देगी।

यह सत्र न केवल वित्तीय लेखा-जोखा पेश करने का माध्यम होगा, बल्कि विपक्ष के साथ सरकार की तीखी बहस का केंद्र भी बनेगा।

​राज्यपाल के अभिभाषण से होगी सत्र की औपचारिक शुरुआत

​9 फरवरी को सुबह 11 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधानसभा और विधान परिषद की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। राज्यपाल का यह अभिभाषण सरकार के पिछले एक साल के कामकाज का आईना और आने वाले लक्ष्यों का रोडमैप होगा।

इसमें सरकार की उपलब्धियों, जैसे कानून-व्यवस्था, नए निवेश और जनकल्याणकारी योजनाओं का विशेष जिक्र रहने की उम्मीद है। विपक्ष इस दौरान हंगामे की तैयारी में है, जिससे सत्र की शुरुआत जोरदार होने के संकेत मिल रहे हैं।

​11 फरवरी को पेश होगा वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट

​वित्त मंत्री सुरेश खन्ना 11 फरवरी को सुबह 11 बजे सदन के पटल पर वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट रखेंगे। जानकारों का मानना है कि इस बार का बजट पिछले साल के 8.08 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड बजट से भी बड़ा हो सकता है।

​10 फरवरी का कार्यक्रम: बजट पेश होने से एक दिन पहले, यानी 10 फरवरी को सदन की कार्यवाही दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद स्थगित कर दी जाएगी।

​बजट पर चर्चा: 11 फरवरी को बजट पेश होने के बाद अगले कुछ दिनों तक राज्यपाल के अभिभाषण और बजट प्रस्तावों पर सदन में चर्चा होगी, जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना जवाब देंगे।

​शिक्षकों के लिए कैशलेस सुविधा और अन्य चुनावी वादों पर फोकस

​इस बजट में हाल ही में कैबिनेट द्वारा मंजूर की गई 'शिक्षकों के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा' के लिए पर्याप्त फंड का प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा, राज्य में बन रहे नए एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारों और युवाओं के लिए 'स्किल डेवलपमेंट' योजनाओं को लेकर बड़ी घोषणाएं होने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य है कि इस बजट के जरिए वह विकास की रफ्तार को और तेज कर सके।

​विपक्ष की घेराबंदी और हंगामे के आसार

​समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने महंगाई, बेरोजगारी और हालिया प्रशासनिक फैसलों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। बजट सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था और किसानों के मुद्दों पर सदन के भीतर तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है।

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा है कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी संपन्न किए जाएंगे।

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