UP के मरीजों को बड़ी सौगात: अगले 6 महीने में 40% तक सस्ती होंगी पैथोलॉजी जांचें; सस्ती दवाओं की तर्ज पर अब जांच में भी मिलेगी भारी छूट

उत्तर प्रदेश सरकार अगले 6 महीनों में पैथोलॉजी जांचों की कीमतों में 40% तक की कमी करने जा रही है। जेनेरिक दवाओं के मॉडल पर अब जांचें भी सस्ती होंगी।

Updated On 2026-01-29 11:36:00 IST

इस योजना के तहत ब्लड टेस्ट, शुगर और अन्य महत्वपूर्ण जांचें सस्ती दरों पर मिलेंगी, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।

​लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आम आदमी को महंगे इलाज से राहत दिलाने के लिए एक नई योजना तैयार की है। जिस तरह जेनेरिक दवाओं के माध्यम से मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, उसी तर्ज पर अब राज्य में पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांचों के दाम भी कम किए जाएंगे।

अगले छह महीनों के भीतर प्रदेश भर में पैथोलॉजी जांचों की कीमतों में 30 से 40 फीसदी तक की भारी कटौती देखने को मिल सकती है। इस पहल का उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ने वाले इलाज के आर्थिक बोझ को कम करना है।

​सस्ती दवाओं की तरह 'सस्ती जांच' का मॉडल

​उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र' योजना की सफलता को देखते हुए जांच सेवाओं के लिए भी इसी तरह का मॉडल तैयार किया है। सरकार का मानना है कि इलाज का एक बड़ा हिस्सा डायग्नोस्टिक्स यानी जांचों पर खर्च होता है।

अक्सर प्राइवेट लैब में जांचों की कीमतें बहुत अधिक होती हैं, जिससे आम आदमी का बजट बिगड़ जाता है। अब सरकार निजी लैब के साथ मिलकर या सरकारी केंद्रों के विस्तार के जरिए इन जांचों को किफायती दर पर उपलब्ध कराएगी।

​क्यों और कैसे कम होंगे दाम?

​जांचों की कीमतों में कटौती के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े रणनीतिक बदलाव किए जा रहे हैं:

​थोक में रीजेंट्स की खरीद: सरकार पैथोलॉजी में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स और रीजेंट्स की थोक में खरीद करेगी, जिससे लागत कम आएगी।

​पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP): निजी लैब के साथ ऐसे समझौते किए जा रहे हैं जिसमें सरकार उन्हें जगह और बिजली उपलब्ध कराएगी, और बदले में वे निर्धारित सस्ती दरों पर मरीजों की जांच करेंगे।

​नई लैब का जाल: प्रदेश के हर जिले और तहसील स्तर पर नई हाई-टेक लैब स्थापित की जाएंगी, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कीमतों में गिरावट आएगी।

​किन जांचों पर मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

​शुरुआती योजना के अनुसार, सबसे ज्यादा राहत उन जांचों में मिलेगी जो नियमित रूप से कराई जाती हैं।

इसमें ब्लड टेस्ट (CBC), शुगर लेवल, लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT), किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) और लिपिड प्रोफाइल जैसी बुनियादी जांचें शामिल हैं।

इसके अलावा, थायराइड और विटामिन की जांचों के दाम भी काफी कम किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 6 महीनों में इस व्यवस्था को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाए।

​मरीजों के लिए 'हेल्थ कार्ड' और डिजिटल रिपोर्ट की सुविधा

​इस योजना के तहत मरीजों को एक विशिष्ट 'हेल्थ आईडी' या कार्ड जारी किया जा सकता है, जिसके जरिए वे रियायती दरों पर जांच करा सकेंगे। साथ ही, जांच रिपोर्ट को डिजिटल फॉर्मेट में सीधे मरीज के मोबाइल या डॉक्टर के पास भेजने की व्यवस्था की जाएगी।

इससे मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और कागज की भी बचत होगी।

​स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का नया मील का पत्थर

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग इस कार्ययोजना को युद्धस्तर पर लागू करने में जुट गया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य होगा जहाँ दवाओं के साथ-साथ पैथोलॉजी जांचों की कीमतों को भी सरकार द्वारा इतना नियंत्रित किया गया है।

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