डरा रहा है मौसम: कई राज्यों में बारिश और तूफान का अलर्ट, यूपी में झमाझम बारिश से ठिठुरन बढ़ी
पहाड़ों पर बर्फबारी से मैदानी इलाकों में तापमान काफी गिर गया है, जिससे कड़ाके की ठिठुरन के साथ शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है।
लखनऊ में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हुई इस बारिश ने ठंड को कई गुना बढ़ा दिया है।
लखनऊ : 28 जनवरी 2026 को समूचा उत्तर और मध्य भारत मौसम के कड़े तेवरों का सामना कर रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के एक बड़े हिस्से में भारी बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
इस सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का सबसे व्यापक असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है, जहाँ राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में सुबह से ही झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है।
बर्फीली हवाओं और आसमान से गिरते पानी ने पूरे देश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है, जिससे जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है।
उत्तर प्रदेश में बारिश और सर्द हवाओं का 'डबल अटैक'
उत्तर प्रदेश में आज मौसम का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। लखनऊ, बाराबंकी, कानपुर और अयोध्या जैसे मध्य यूपी के जिलों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश ने दस्तक दी है।
लखनऊ में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हुई इस बारिश ने ठंड को कई गुना बढ़ा दिया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 23 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट भी जारी किया है, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह गई है।
तेज हवाओं और गलन के कारण सड़कों पर आवाजाही कम रही और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों में बारिश-ओलावृष्टि का कहर
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में भी बादलों का डेरा है। यहा 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवाएं चल रही हैं और रुक-रुक कर बूंदाबांदी का दौर जारी है।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में मंगलवार देर रात ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिसके बाद आज वहां कड़ाके की शीतलहर चल रही है। राजस्थान के उत्तरी जिलों में आज भी गरज-चमक के साथ बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है।
पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में 'कोल्ड डे'
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे पहाड़ों पर पिछले 24 घंटों से भारी हिमपात हो रहा है। पहाड़ों से टकराकर आ रही इन बर्फीली हवाओं ने मैदानी राज्यों में 'कोल्ड डे' जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। उत्तराखंड में बर्फबारी के कारण कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं और पर्यटकों को ऊंचे इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।
पहाड़ों की यह ठंड सीधे तौर पर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों को ठिठुरा रही है, जिससे न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री नीचे चला गया है।
पूर्वी भारत और मध्य प्रदेश में भी बिगड़ा मौसम का मिजाज
मौसम की यह हलचल केवल उत्तर तक सीमित नहीं है। बिहार के लगभग 25 जिलों में आज शाम से बारिश और बिजली गिरने की गतिविधियां शुरू होने का पूर्वानुमान है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
IMD के अनुसार, यह मौसमी सिस्टम धीरे-धीरे पूर्व की ओर बढ़ रहा है, जिससे आगामी 29 जनवरी तक देश के पूर्वी हिस्सों में भी ठंड और बारिश का असर बना रहेगा।
किसानों के लिए बढ़ी आफत और स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने देशभर के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। गेहूं, सरसों और आलू जैसी रबी की फसलों को ओलों और जलभराव से भारी नुकसान होने का अंदेशा है।
इसके साथ ही, डॉक्टरों ने अचानक बढ़ी इस ठंड में बच्चों और बुजुर्गों के प्रति विशेष सावधानी बरतने को कहा है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे बारिश में भीगने से बचें और बिजली कड़कने के समय खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे शरण न लें।
30 जनवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ के आने के संकेत हैं, जो ठंड के इस दौर को फरवरी की शुरुआत तक खींच सकता है।