आस्था और विकास का संगम: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में लगाई डुबकी, माघ मेले की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
सीएम योगी ने साइबेरियन पक्षियों को दाना खिलाया और माघ मेले की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसके साथ ही सीएम ने सतुआ बाबा शिविर में संतों से भेंट की और विकास कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
51 बटुकों द्वारा पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया।
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज संगम नगरी प्रयागराज के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। कड़ाके की ठंड के बीच मुख्यमंत्री ने त्रिवेणी संगम के पवित्र जल में स्नान कर अपनी आस्था प्रकट की और प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
इस दौरान उन्होंने माघ मेले की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
संगम में डुबकी और गंगा पूजन
मुख्यमंत्री सुबह वीआईपी घाट से स्टीमर के जरिए संगम नोज पहुँचे। यहाँ विशेष रूप से तैयार की गई फ्लोटिंग जेटी पर उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ संगम में स्नान किया। स्नान के पश्चात उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच माँ गंगा का पूजन और अभिषेक किया।
मुख्यमंत्री के साथ जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी आस्था की डुबकी लगाई।
साइबेरियन पक्षियों के साथ बिताए पल
संगम पूजन के बाद मुख्यमंत्री का एक अलग अंदाज देखने को मिला। जब उनका स्टीमर वापस लौट रहा था, तब उन्होंने नाव से ही सात समंदर पार से आए साइबेरियन पक्षियों को दाना खिलाया।
मुख्यमंत्री ने जल पुलिस के कार्यों की सराहना की और निर्देश दिया कि माघ मेले के दौरान नदी की स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
संतों का आशीर्वाद और रामानंदाचार्य जयंती
मुख्यमंत्री संगम क्षेत्र से सीधे सतुआ बाबा के शिविर पहुँचे। यहाँ जगद्गुरु रामानंदाचार्य की 726वीं जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने हिस्सा लिया।
51 बटुकों द्वारा पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने यहाँ साधु-संतों के साथ मुलाकात कर धर्म और संस्कृति के संरक्षण पर चर्चा की और संतों के साथ विशेष भोज में भी सम्मिलित हुए।
आगामी स्नान पर्वों की तैयारियों की समीक्षा
अपने दौरे के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने आईसीसीसी सभागार में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने 14 जनवरी (मकर संक्रांति) और 18 जनवरी (मौनी अमावस्या) के प्रमुख स्नान पर्वों को देखते हुए ट्रैफिक, स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था की समीक्षा की।
इसके साथ ही उन्होंने निर्माणाधीन राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कार्यों का भी निरीक्षण किया और उसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।