मिशन 2027: मायावती ने फूंका चुनावी शंखनाद, 403 सीटों के पदाधिकारियों को दिया 'कमर कसने' का निर्देश
मायावती ने पदाधिकारियों को 'चुनावी मोड' में आने का अल्टीमेटम देते हुए गांव-गांव जाकर कैडर को एकजुट करने का आदेश दिया है।
मायावती ने निर्देश दिया कि सभी 403 सीटों पर बूथ कमेटियों का पुनर्गठन जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश में समय से पहले विधानसभा चुनाव होने की संभावना जताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अलर्ट कर दिया है।
लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ हुई हाई-लेवल मीटिंग में मायावती ने दो-टूक कहा कि चुनावी तैयारियों में अब ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है।
विरोधी दलों की साजिशों से सावधान रहने की हिदायत
बैठक के दौरान मायावती ने आरोप लगाया कि विरोधी दल बसपा को कमजोर करने और उसके आधार मतों में सेंध लगाने की लगातार साजिशें रच रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलाए जा रहे भ्रम से दूर रहें।
मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा का 'कैडर बेस' ही उसकी असली ताकत है और इसे और अधिक मजबूत करने के लिए गाँव-गाँव जाकर लोगों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ना होगा।
बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का फॉर्मूला
मायावती ने निर्देश दिया कि सभी 403 सीटों पर बूथ कमेटियों का पुनर्गठन जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि "विधानसभा चुनाव कभी भी हो सकते हैं, इसलिए पार्टी को हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा।"
इस बार बसपा 'सोशल इंजीनियरिंग' के अपने पुराने फॉर्मूले के साथ-साथ युवाओं को संगठन में ज्यादा तरजीह देने की योजना पर काम कर रही है।
जातीय जनगणना और आरक्षण के मुद्दे पर रुख साफ
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मायावती ने बैठक में जातीय जनगणना और दलित-पिछड़ा आरक्षण के मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बसपा हमेशा से शोषितों और वंचितों के हक की लड़ाई लड़ती आई है।
उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि वे जनता के बीच जाकर यह बताएं कि केवल बसपा सरकार में ही उनका हित सुरक्षित है, जबकि अन्य दल केवल वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं।
आकाश आनंद की भूमिका पर भी चर्चा
बैठक में आगामी चुनावों के दौरान पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद की सक्रियता को लेकर भी संकेत मिले। माना जा रहा है कि युवा वोट बैंक को साधने के लिए आकाश आनंद प्रदेश भर में बड़ी जनसभाएं और यात्राएं शुरू कर सकते हैं। मायावती ने साफ किया कि इस बार टिकट बंटवारे में सक्रियता और वफादारी ही मुख्य पैमाना होगा।