रायबरेली में 'पोस्टर वॉर': योगी के मंत्री ने राहुल गांधी को बताया 'नकली गांधी'; गद्दार कौन के सवाल पर छिड़ा सियासी संग्राम

संसद में राहुल द्वारा रवनीत सिंह बिट्टू को 'गद्दार' कहे जाने और पीएम मोदी के 'सरनेम' वाले बयान के बाद यह विवाद अब रायबरेली की सड़कों पर पोस्टर वॉर के रूप में तब्दील हो गया है।

Updated On 2026-02-06 13:26:00 IST

होर्डिंग में एक तरफ भाजपा नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को 'असली सरदार' बताया गया है।

रायबरेली: उत्तर प्रदेश की सियासत में 'गद्दार' शब्द को लेकर शुरू हुई जंग अब पोस्टरों के जरिए सड़कों पर उतर आई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने विवादित होर्डिंग्स लगवाकर सीधे राहुल गांधी पर हमला बोला है।

इन होर्डिंग्स में राहुल गांधी को 'नकली गांधी' करार देते हुए उनसे तीखे सवाल पूछे गए हैं।

​9 प्रमुख जगहों पर लगी होर्डिंग, मंत्री ने खुद खिंचवाई फोटो

रायबरेली के विभिन्न इलाकों जैसे निराला नगर, गांधी नगर, एकता विहार कॉलोनी, सारस होटल और डिग्री कॉलेज चौराहा सहित 9 स्थानों पर ये होर्डिंग्स लगाए गए। मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इन होर्डिंग्स के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए इस 'पोस्टर वॉर' की कमान संभाली है।

होर्डिंग्स के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि राहुल गांधी ने केवल 'गांधी' सरनेम का सहारा लिया है और वे भारतीय संस्कारों के खिलाफ काम कर रहे हैं।

​'असली सरदार' बनाम 'नकली गांधी' की बहस

​होर्डिंग में एक तरफ भाजपा नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को 'असली सरदार' बताया गया है, जो देश के लिए कांग्रेस छोड़कर आए हैं।

वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी को 'नकली गांधी' लिखते हुए आरोप लगाया गया है कि उन्होंने प्रभु श्रीराम, सरदार पटेल, सुभाष चंद्र बोस और डॉ. अब्दुल कलाम जैसी महान विभूतियों का अपमान किया है।

होर्डिंग में यह भी सवाल किया गया है कि क्या राहुल गांधी को गद्दार कहना सही है?

​संसद से शुरू हुआ विवाद और पीएम मोदी का प्रहार

​इस पूरे विवाद की शुरुआत बुधवार को संसद के बाहर हुई थी, जब राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू को 'माय ट्रेटर फ्रेंड' कहकर संबोधित किया था।

इसके बाद गुरुवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बिना नाम लिए राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला और उन पर 'महात्मा गांधी का सरनेम चुराने' का आरोप लगाया।

इसी घटनाक्रम को आधार बनाकर अब रायबरेली में राहुल के खिलाफ मोर्चा खोला गया है।

​कांग्रेस ने बताया 'तुच्छ मानसिकता', 2027 की दी चुनौती

​इन होर्डिंग्स के लगने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। यूपी कांग्रेस कमेटी के सचिव अतुल सिंह ने इसे भाजपा की 'तुच्छ मानसिकता' का परिचायक बताया है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता के हितों के लिए सड़क से संसद तक लड़ रहे हैं और भाजपा हार के डर से इस तरह की ओछी राजनीति पर उतर आई है। कांग्रेस का दावा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इस अपमान का बदला लेगी।

गौरतलब है कि मंत्री दिनेश प्रताप सिंह 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी से 3.90 लाख से अधिक वोटों से हार चुके हैं।

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