Teachers Leave Update: MP में शिक्षक को अब कागजों पर नहीं, ऐप पर मिलेगी छुट्टी, ऑनलाइन लीव सिस्टम लागू

नए साल की शुरुआत के साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत अधिकारियों और शिक्षकों के लिए एक बड़ा और राहत भरा बदलाव किया गया है। अब विभाग में उपस्थिति के साथ-साथ सभी प्रकार की छुट्टियां भी पूरी तरह ऑनलाइन मंजूर होंगी।

Updated On 2026-01-02 21:10:00 IST

नए साल की शुरुआत के साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत अधिकारियों और शिक्षकों के लिए एक बड़ा और राहत भरा बदलाव किया गया है। अब विभाग में उपस्थिति के साथ-साथ सभी प्रकार की छुट्टियां भी पूरी तरह ऑनलाइन मंजूर होंगी। इसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। जनवरी से ऑफलाइन अवकाश आवेदन पूरी तरह अमान्य कर दिए गए हैं।

अब शिक्षकों को छुट्टी के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। वे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से एक क्लिक में छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे और वहीं से स्वीकृति भी मिलेगी। इस नई व्यवस्था में आकस्मिक अवकाश (CL), ऐच्छिक अवकाश (OL), अर्जित अवकाश (EL), मेडिकल लीव और चाइल्ड केयर लीव (CCL) शामिल की गई हैं।

2008 के बाद फिर मिली EL की सुविधा

जारी आदेश में शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए अर्जित अवकाश (EL) की सुविधा फिर से बहाल कर दी गई है। गौरतलब है कि वर्ष 2008 के बाद शिक्षकों को EL मिलना बंद हो गया था, लेकिन अब यह सुविधा दोबारा लागू कर दी गई है। शिक्षक अब प्रति वर्ष 10 EL ले सकेंगे।

इतना ही नहीं, यदि EL का उपयोग नहीं किया जाता है, तो रिटायरमेंट के समय इन छुट्टियों का नकदीकरण (Encashment) भी किया जा सकेगा, जिससे शिक्षकों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

रिटायरमेंट पर मिलेगा अतिरिक्त वेतन

शिक्षकों को पूरे सेवाकाल के दौरान कुल 300 अर्जित अवकाश लेने की सुविधा दी गई है। जो शिक्षक इन अवकाशों का उपयोग नहीं करेंगे, उन्हें रिटायरमेंट के समय 240 दिनों (लगभग 8 माह) के वेतन के बराबर राशि एकमुश्त दी जाएगी। यह अवकाश शिक्षकों को व्यक्तिगत कार्य, पारिवारिक कारणों या विश्राम के लिए उपयोग करने का अवसर देता है।

अधिकारियों की उपस्थिति भी होगी ऑनलाइन

जनवरी से केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि विभाग के सभी अधिकारी, कार्यालय कर्मचारी और अकादमिक अमला भी ऑनलाइन उपस्थिति के दायरे में आ जाएंगे। इसमें डीईओ, डीपीसी, बीईओ, बीआरसी, सीएसी, बीएसी और क्लर्क शामिल होंगे। हालांकि, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को फिलहाल इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। इस नई डिजिटल व्यवस्था से विभागीय कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया से शिक्षकों को राहत मिलेगी।

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