छिंदवाड़ा में मतदान से पहले खेला: महापौर विक्रम अहाके ने नकुलनाथ के लिए मांगे वोट, जानिए कैसे हुआ हृदय परिवर्तन
Chhindwara Lok Sabha voting Updates: छिंदवाड़ा लोकसभा सीट में 19 अप्रैल को सुबह 7 बजे से मतदान जारी है। 11 बजे तक चार घंटे में यहां 32.51 मतदान हो गया। वोटिंग के बीच महापौर विक्रम अहाके ने पलटी मारते हुए नकुलनाथ के पक्ष में मतदान करने की अपील की है।
Chhindwara Lok Sabha voting Updates: मध्यप्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा देश की हॉट सीटों में शुमार है। 19 अप्रैल को सुबह 7 बजे मतदान शुरू होने से पहले छिंदवाड़ा में बड़ा खेला हो गया। 18 दिन पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन करने वाले छिंदवाड़ा के महापौर विक्रम अहाके ने पलटी मार ली। और मतदान से ठीक पहले वीडियो संदेश जारी कर कांग्रेस प्रत्याशी नकुलनाथ के पक्ष में मतदान करने की अपील कर दी।
बीजेपी को करारा झटका
— MP Congress (@INCMP) April 19, 2024
छिन्दवाड़ा में बीजेपी को लगा करारा झटका, कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुये महापौर विक्रम अहके फिर नकुल नाथ और कमलनाथ जी के साथ आये।
महापौर विक्रम अहके ने वीडियो जारी कर छिन्दवाड़ा की जनता से नकुल कमलनाथ जी को वोट देने की अपील भी की।
“जय कांग्रेस, जय… pic.twitter.com/tp0J7Farwr
छिंदवाड़ा महापौर विक्रम अहाके का वीडियो संदेश शुक्रवार को सुबह से ही सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। जिसमें वह कांग्रेस प्रत्याशी नकुलनाथ के लिए वोट मांग रहे हैं। महापौर विक्रम अहाके ने कहा कि मैं उस व्यक्ति को धोखा नहीं दे सकता, जिसने छिंदवाड़ा का विकास किया है।
भाजपा में जाकर घुटन हो रही थी: अहाके
विक्रम अहाके ने जारी वीडियो में कहा कि बीजेपी में जाने के बाद से मैं घुटन महसूस कर रहा था। मतदाताओं से क्षमा मांगते हुए कहा, हाथ जोड़कर विनती करता हूं की छिंदवाड़ा के भविष्य के लिए आप सब नकुलनाथ जी को वोट करें।
भाजपा ज्वाइन करने के बाद बेचैन था
महपौर विक्रम अहाके ने बताया कि 18 दिन पहले जिस दिन से कमलनाथ का साथ छोड़ा था, बेचैन था। रात में ठीक से सो नहीं पाता था। 24 घंटे एक ही बात मन में खटकती रहती थी कि उस आदमी का साथ छोड़ दिया, जिसने छिंदवाड़ा को सबकुछ दिया है। अंतत: सोचा कि यदि आज कोई निर्णय नहीं लिया तो जीवनभर खुद को माफ नहीं कर पाऊंगा।
विक्रम अहाके ने इसलिए छोड़ी थी कांग्रेस
विक्रम अहाके ने कांग्रेस छोड़ने की मजबूरी भी बताई। कहा, एक एक कर हमारे 14 पार्षद भाजपा में जा चुके थे। मुझे महापौर का पद छिनने का डर सताने लगा था। इसलिए बीजेपी में शामिल जाने का फैसला लिया, लेकिन वहां जाकर मैं अपने आपको को संतुष्ट नहीं कर सका।