Cyber Crime: रिटायर्ड अधिकारी को किया डिजिटल अरेस्ट, बदमाशों ने ठगे 1 करोड़ 12 लाख

Updated On 2026-01-12 10:26:00 IST

 Digital Arrest Fraud

Cyber Crime: साइबर क्राइम को लेकर शासन और पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद डिजिटल अरेस्ट के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन कोई न कोई व्यक्ति साइबर ठगों के जाल में फंसकर अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गंवा रहा है। ताजा मामला ग्वालियर से सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक करोड़ 12 लाख रुपये की ठगी कर ली।

पीड़ित की पहचान 75 वर्षीय बिहारी लाल गुप्ता के रूप में हुई है, जो रजिस्ट्रार विभाग से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए उनसे संपर्क किया और मनी लॉन्ड्रिंग के एक फर्जी मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाया। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट के नाम पर उन्हें मानसिक दबाव में रखा गया और अलग-अलग चार बैंक खातों में कुल 1.12 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।

जानकारी के अनुसार, ठगों का पहला कॉल 16 नवंबर 2025 को आया था। इसके बाद लगातार डर और दबाव बनाकर पीड़ित से कई किस्तों में पैसे मंगवाए गए। आखिरी ट्रांजैक्शन 3 जनवरी 2026 को किया गया। पीड़ित को उस समय ठगी का अहसास नहीं हुआ, लेकिन दो दिन पहले सोशल मीडिया पर किसी अन्य व्यक्ति के डिजिटल अरेस्ट से जुड़े साइबर जागरूकता वीडियो देखने के बाद उन्हें पूरे मामले की सच्चाई समझ में आई।

इसके बाद रिटायर्ड अधिकारी ने तुरंत पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों और कॉल डिटेल्स के आधार पर ठगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के डिजिटल अरेस्ट, पुलिस कॉल या ऑनलाइन धमकी से डरें नहीं और तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

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