Indore Water Crisis: भागीरथपुरा में 20 KM पाइपलाइन बदलेगी, तब जाकर मिलेगा साफ पानी
नगर निगम के मुताबिक भागीरथपुरा बस्ती की करीब 20 किलोमीटर लंबी नर्मदा जल पाइपलाइन को पूरी तरह बदला जाएगा। यह काम लगभग दो से तीन माह में पूरा होने का अनुमान है।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में साफ पानी की समस्या अभी भी बनी हुई है। नगर निगम द्वारा पुलिस चौकी के शौचालय को तोड़कर मुख्य लीकेज सुधारने का दावा किया गया था, लेकिन इसके बावजूद बस्ती के रहवासियों को अब तक शुद्ध पानी नसीब नहीं हो सका है। वजह साफ है पूरी बस्ती की पानी की लाइनें वर्षों पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं, जिनमें जगह-जगह गंदे पानी का रिसाव हो रहा है।
नगर निगम के मुताबिक भागीरथपुरा बस्ती की करीब 20 किलोमीटर लंबी नर्मदा जल पाइपलाइन को पूरी तरह बदला जाएगा। यह काम लगभग दो से तीन माह में पूरा होने का अनुमान है। फिलहाल मुख्य मार्ग पर नई लाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन टेस्टिंग के दौरान वह भी कुछ स्थानों से फूट गई। अधिकारियों का कहना है कि बस्ती के एक हिस्से में अगले दो-तीन दिनों में पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि नई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव काफी पहले मंजूरी के लिए नगर निगम भेजा गया था, लेकिन काम शुरू करने में हुई देरी के कारण हालात बिगड़ गए। इसी लापरवाही का नतीजा यह रहा कि दूषित पानी से भागीरथपुरा में डायरिया और हैजा फैल गया, जिससे अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब डेढ़ हजार लोग बीमार हुए हैं। इस मामले की गूंज देशभर में सुनाई दी।
दूषित पानी की सप्लाई बंद होने के बाद फिलहाल टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। नगर निगम के अनुसार 60 से ज्यादा टैंकर रोजाना बस्ती में पानी बांट रहे हैं। हालांकि जिन गलियों में टैंकर नहीं पहुंच पा रहे, वहां रहने वाले लोग गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। बस्ती में मौजूद 110 सार्वजनिक बोरिंग भी राहत नहीं दे पा रहे, क्योंकि उनका पानी भी प्रदूषित पाया गया है।
भागीरथपुरा के पास से गुजरने वाले नाले में फैक्टरियों का अपशिष्ट पानी गिरने के कारण भूजल स्तर भी खराब हो चुका है। इसी वजह से बोरिंग का पानी पीने लायक नहीं बचा है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पूरी पाइपलाइन बदलने के दौरान कई सड़कों पर खुदाई का काम जारी रहेगा और इसके बाद ही स्थायी समाधान मिल सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि की है कि दूषित पानी के कारण बस्ती में डायरिया और हैजे के मामले सामने आए हैं। प्रशासन का दावा है कि नई पाइपलाइन के काम के पूरा होते ही भागीरथपुरा के रहवासियों को शुद्ध नर्मदा जल की नियमित सप्लाई मिल सकेगी।